हापुड़ में दुष्कर्म पीड़िता को नहीं मिला न्याय, धमकियों से डरकर ओडिशा लौटी नाबालिग
हापुड़ में ओडिशा की नाबालिग नौकरानी से बार-बार दुष्कर्म हुआ, जिससे वह गर्भवती हो गई। उसे धमकी देकर तीन लाख का सौदा किया गया, फिर चेक फ्रीज कर दिए गए। ...और पढ़ें

हापुड़ में ओडिशा की नाबालिग नौकरानी से बार-बार दुष्कर्म हुआ। सांकेतिक तस्वीर
ठाकुर डीपी आर्य, हापुड़। हापुड़ में ओडिशा की एक नाबालिग नौकरानी के साथ बार-बार रेप किया गया। जब वह प्रेग्नेंट हो गई, तो उसे धमकी दी गई और तीन लाख रुपये का सौदा किया गया, जिसमें उसे डेढ़ लाख रुपये के चेक दिए गए। इसके बाद, उन्होंने पुलिस के साथ मिलकर चेक फ्रीज करवा दिए और फिर उस पर हमला किया।
पीड़िता दिल्ली भाग गई और अपने दादा की मदद से रिपोर्ट दर्ज कराई। जब जांच के लिए रिपोर्ट हापुड़ आई, तो पुलिस ने सात आरोपियों में से सिर्फ़ एक को गिरफ्तार करके मामले को बंद कर दिया।
इसके बावजूद, पीड़िता को जान से मारने की धमकियां मिलती रहीं। डरकर पीड़िता ओडिशा लौट गई। लड़की के रिश्तेदार ने बताया कि 17 साल की लड़की ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के एक गांव की रहने वाली है। माता-पिता की मौत के बाद वह अपने चाचा के साथ रहती थी। परिवार की खराब आर्थिक स्थिति के कारण वह अपनी दोस्त के साथ रोजी-रोटी कमाने के लिए दिल्ली आई थी। वहां वह रेलवे स्टेशन पर अर्जुन से मिली।
अर्जुन, जो आउटर दिल्ली के मोहन गार्डन में एक प्लेसमेंट एजेंसी का मालिक है, और उसकी पत्नी रीता के ज़रिए उसे हापुड़ में रेलवे रोड पर मयूर कोठी के रहने वाले राजीव अग्रवाल के घर नौकरानी के तौर पर काम पर रखा गया। राजीव अग्रवाल के एक रिश्तेदार की दुकान पर काम करने वाले विकास कुमार ने मार्च 2024 से जुलाई 2025 तक नाबालिग लड़की के साथ घर पर बार-बार रेप किया।
इसके कारण वह प्रेग्नेंट हो गई। उसने प्लेसमेंट एजेंसी के मालिक अर्जुन, उसकी पत्नी रीता, उसके मालिक राजीव अग्रवाल और उसकी पत्नी अदिति को इस घटना के बारे में बताया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता को डराया-धमकाया और उसे दिल्ली भेज दिया। उन्होंने डिलीवरी के खर्च के लिए उसके साथ तीन लाख रुपये का सौदा किया और उसे डेढ़ लाख रुपये के चेक दिए। उन्होंने एक NGO चलाने वाली रेनू देवी की मदद से बच्चे को दो महिलाओं को बेचने का भी सौदा किया।
इसके बाद, आरोपियों ने उसके बैंक अकाउंट को यह कहकर फ्रीज करवा दिया कि चेक इनवैलिड हैं। फिर उन्होंने उसे सेटलमेंट के बहाने हापुड़ बुलाया। वहां उन्होंने उससे कुछ कागज़ात पर साइन करवाए और अगर वह दोबारा दिखी तो जान से मारने की धमकी दी। उसे पीटा भी गया। उसे एक साल की सैलरी भी नहीं दी गई। आरोपियों के प्रभाव के कारण हापुड़ पुलिस ने पीड़िता की शिकायत नहीं सुनी।
इसके बाद वह अपने दादा के साथ दिल्ली के रानहोला पुलिस स्टेशन गई। वहाँ उसने SI कोयल को घटना के बारे में बताया। दिल्ली पुलिस ने रेप, मारपीट और धमकी से जुड़ी धाराओं के तहत प्लेसमेंट एजेंसी के मालिक अर्जुन, उसकी पत्नी रीता, मकान मालिक राजीव अग्रवाल और उसकी पत्नी अदिति, NGO डायरेक्टर रेनू देवी, नौकर विकास कुमार और एक अज्ञात व्यक्ति समेत सात लोगों के खिलाफ जीरो FIR दर्ज की और केस हापुड़ कोतवाली भेज दिया।
दिल्ली पुलिस ने ASI ओमप्रभा से मंगोलपुरी अस्पताल में पीड़िता का मेडिकल करवाया, जिसमें बार-बार रेप और प्रेग्नेंसी की पुष्टि हुई। पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान में सभी आरोपों की पुष्टि भी की। हापुड़ पुलिस ने सिर्फ़ एक आरोपी विकास कुमार को जेल भेजा है। बाकी लोगों को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। आरोपी पीड़िता को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इससे डरकर वह दो हफ़्ते पहले चुपचाप ओडिशा चली गई। जांच अधिकारी आरोपियों से हमदर्दी से बात कर रहे हैं।
कानून महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। जिस प्लेसमेंट एजेंसी ने लड़की को लाया था, और जिसके घर वह नौकरानी का काम करती थी, वे सभी कानून के अनुसार दोषी हैं। किसी भी नामजद आरोपी का नाम लिस्ट से ऐसे ही नहीं हटाया जा सकता। हम कल पूरे मामले को देखेंगे। कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।
- कुंवर ज्ञानंजय सिंह - पुलिस अधीक्षक।

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