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    DU को इस साल मिलेगा वीर सावरकर कॉलेज, 2000 करोड़ से अधिक की लागत से हो रहा निर्माण कार्य

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 08:10 PM (IST)

    दिल्ली विश्वविद्यालय के पश्चिमी परिसर में प्रस्तावित वीर सावरकर कॉलेज 2026 तक तैयार हो जाएगा। कुलगुरू प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि डीयू में 2000 करोड़ ...और पढ़ें

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    प्रस्तावित वीर सावरकर कॉलेज का लंबा इंतजार अब समाप्त होने जा रहा।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के पश्चिमी परिसर के अंतर्गत प्रस्तावित वीर सावरकर कॉलेज का लंबा इंतजार अब समाप्त होने जा रहा है। वर्ष 2026 में यह कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय को मिल जाएगा।

    कुलगुरू प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि डीयू के लिए वर्ष 2025 उपलब्धियों भरा रहा है और वर्ष 2026 भी विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में 2000 करोड़ रुपये से अधिक के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं, जिनमें से अधिकांश परियोजनाएं वर्ष 2026 में पूरी हो जाएंगी।

    कुलगुरू ने बताया कि वीर सावरकर कॉलेज के साथ-साथ कई नए अकादमिक भवन, छात्रावास और हेल्थ सेंटर की इमारतें भी तैयार होंगी। इंस्टीट्यूट आफ एमिनेंस (आईओई) की नई बिल्डिंग, आईओई हास्टल, कंप्यूटर सेंटर की नई इमारत और पुस्तकालय विस्तार का कार्य भी तेजी से चल रहा है।

    इसके अलावा फैकल्टी ऑफ टेक्नोलॉजी, नया गर्ल्स हास्टल तथा विश्वविद्यालय के पूर्वी और पश्चिमी परिसरों का निर्माण कार्य भी जारी है, जिन्हें इसी वर्ष पूरा किए जाने की उम्मीद है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए विश्वविद्यालय के प्रत्येक स्थान पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।

    प्रो. योगेश सिंह ने नव वर्ष के अवसर पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में दी। उन्होंने कहा कि दुनिया में डीयू जैसा कोई विश्वविद्यालय नहीं है और नए वर्ष में हमें अपनी उपलब्धियों को और ऊंचाई तक ले जाना है। कुलगुरू ने बताया कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में डीयू ने बेहतर प्रदर्शन किया है। देश के शीर्ष 10 कालेजों में डीयू के छह कालेज शामिल हैं। इस अवसर पर एनआइआरएफ रैंकिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कालेजों को सम्मानित भी किया गया।

    कुलगुरू ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 तक विभिन्न कॉलेजों और विभागों में 9,115 शैक्षणिक प्रमोशन हुए हैं। वहीं 5,037 शैक्षणिक नियुक्तियां और 456 गैर-शैक्षणिक नियुक्तियां भी की गई हैं। उन्होंने कहा कि सीयूईटी लागू होने के बाद दाखिला प्रक्रिया अधिक पारदर्शी हुई है। वर्ष 2025 में 71,642 सीटों पर 72,229 दाखिले हुए। साथ ही डीयू में नए शैक्षणिक कार्यक्रमों और सेंटर फॉर उड़िया स्टडीज की स्थापना की दिशा में भी काम आगे बढ़ रहा है।