DU में पहले पिंक बूथ और इंटीग्रेटेड पुलिस बूथ का उद्घाटन, पूरा संचालन का जिम्मा महिलाओं के हाथ में होगा
दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए दो नए पुलिस बूथों का उद्घाटन किया गया। मिरांडा हाउस कॉलेज में पहला पिंक बूथ और गेट नं ...और पढ़ें

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से सोमवार को दो नए पुलिस बूथों का उद्घाटन किया गया।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से सोमवार को दो नए पुलिस बूथों का उद्घाटन किया गया। दिल्ली पुलिस के सहयोग से मिरांडा हाउस कालेज में विश्वविद्यालय का पहला पिंक बूथ व विश्वविद्यालय के गेट नंबर चार पर इंटीग्रेटेड पुलिस बूथ शुरू किया गया।
कार्यक्रम में दिल्ली के पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा मुख्य अतिथि रहे, जबकि दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उद्घाटन के बाद अतिथियों ने दोनों पुलिस बूथों का निरीक्षण किया। इसके बाद डीयू के वाइस रीगल लाज स्थित कन्वेंशन हाल में औपचारिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस दौरान पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने कहा कि दिल्ली पुलिस हमेशा मुसीबत की घड़ी में लोगों के साथ खड़ी रहती है। उन्होंने कहा कि किसी भी परेशानी की स्थिति में सबसे पहले पुलिस को ही याद किया जाता है। उन्होंने बताया कि मौरिस नगर थाना पहले से ही दिल्ली विश्वविद्यालय क्षेत्र को कवर करता है और ये दोनों नए पुलिस बूथ उसी व्यवस्था का विस्तार हैं।
पिंक बूथ की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए पुलिस आयुक्त ने बताया कि इसका संचालन महिला पुलिसकर्मी करेंगी, हालांकि इसकी सेवाएं सभी वर्गों के लिए उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने इस पहल के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया और इसे पुलिस और विश्वविद्यालय के बीच मजबूत सहयोग का उदाहरण बताया।
कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में इन दो पुलिस बूथों का निर्माण बेहद महत्वपूर्ण है और यह एक सकारात्मक व जरूरी पहल है। उन्होंने कहा कि पिंक बूथ केवल एक पुलिस चौकी नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, आत्मविश्वास, सशक्तिकरण, आत्मसम्मान और विश्वास का प्रतीक है।
कुलपति ने कहा कि दिल्ली पुलिस और दिल्ली विश्वविद्यालय दोनों का उद्देश्य समाज की सेवा करना है और जब दोनों संस्थान मिलकर काम करते हैं तो एक मजबूत व्यवस्था तैयार होती है।
कुलपति ने कहा कि पुलिस के सहयोग के बिना किसी भी विश्वविद्यालय का सुचारू संचालन संभव नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों से कानून का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा कि आपकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है, लेकिन व्यवस्था को बनाए रखने में छात्रों की भी अहम भूमिका है।
प्रो. योगेश सिंह ने जानकारी दी कि मिरांडा हाउस में स्थापित पिंक बूथ दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर का पहला पिंक बूथ है। यह एक सुरक्षित, सुलभ और मददगार स्थान होगा, जहां छात्राएं, शिक्षक और कर्मचारी अपनी समस्याएं साझा कर सकेंगे और समय पर सहायता प्राप्त कर सकेंगे। यह पहल कैंपस और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगी।
मिरांडा हाउस कालेज की प्राचार्य प्रो. डॉ. बिजयालक्ष्मी नंदा ने बताया कि पिंक बूथ जिस स्थान पर बनाया गया है, वह पहले एक डार्क और असुरक्षित इलाका माना जाता था। इस बूथ के बनने से अब यह स्थान सुरक्षित हो गया है, जिससे छात्राओं में सुरक्षा की भावना और मजबूत हुई है।

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