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'हर वर्ग हो रहा डिजटल अरेस्ट का शिकार...', दिल्ली HC के मुख्य न्यायाधीश ने कहा- कोर्ट व वकीलों के लिए भी चुनौती

Published: Mon, 15 Dec 2025 09:39 PM (IST)

दिल्ली के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हर वर्ग डिजिटल अरेस्ट का शिकार है। उन्होंने अदालतों और वकीलों के लिए ...और पढ़ें

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HighLights

  1. हर वर्ग डिजिटल अरेस्ट का शिकार

  2. अदालतों के लिए भी इससे निपटना चुनौती

  3. वकीलों के लिए भी डिजिटल अरेस्ट चुनौती

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि डिजिटल एक्टार्सन जैसे अपराध की कभी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, लेकिन यह अब अपराध है और समाज के सभी वर्गों के लोग इसके शिकार हैं। मजदूर से लेकर बिजनेसमैन तक, यह हर जगह हो रहा है।

जांच एजेंसियों से लेकर अदालतों के लिए यह एक चुनौती है कि इससे कैसे निपटा जाए? मुख्य न्यायाधीश ने ये बातें दिल्ली हाई कोर्ट में इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश वीके शुक्ला की स्मृति में आयोजित एक कार्यक्रम में कही।

इस मौके पर डीआईजी लखनऊ पवन कुमार की डियर: द पीपल किताब का मुख्य न्यायाधीश व न्यायमूर्ति प्रतिबा एम सिंह सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों ने विमोचन किया।

जस्टिस फाॅर राइड फाउंडेशन की तरफ से डिजिटल एक्सटार्सन: द साइलेंट एपिडेमिक विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबांधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि देश भर से ऐसे अपराधों की रिपोर्ट आ रही हैं।

जजों और वकीलों को अपने कौशल को और बेहतर बनाने की जरूरत पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि हमें अपराध स्थल से सुबूतों के इस्तेमाल के बारे में और जानना होगा, क्योंकि इन अपराधों में सुबूत बहुत जटिल होते हैं।

ऐसे में हमें अचूक सुबूतों की जरूरत है। वहीं, न्यायमूर्ति प्रतिबा एम सिंह ने कहा कि कानून और तकनीकि के बीच एक अहम रिश्ता है और बदलते वक्त में एआई जैसी तकनीकि अदालती प्रक्रिया में घातक बन सकती है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बीते कुछ समय में अदालत के सामने ऐसे मामले आए, जहां एआई के जरिए याचिका की ड्राफ्टिंग की गई। इससे युवा वकीलों को बचने की जरूरत है।

वहीं, डियर द पीपल किताब के लेखक व डीआइज पवन कुमार ने कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी तेजी से बढ़ती वैश्विक चुनौती है और 2030 तक संभावना है कि इसके जरिए होने वाले धाेखाधड़ी चीन व अमेरिका की अर्थव्यवस्था को पार कर जाए।

इस मौके पर एडिशनल साॅलिसिटर जनरल चेतन शर्मा, दिल्ली हाई कोर्ट बार ऐसाेसिएशन अध्यक्ष एन हरिहरन, उपाध्यक्ष सचिन पुरी, कार्यक्रम आयोजक व अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत, वरिष्ठ अधिवक्ता कमल निझावन सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

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