दिल्ली में प्रदूषण पर काबू के लिए एमसीडी की बड़ी तैयारी, 149 ऊंची इमारतों पर लगेंगी एंटी-स्मॉग गन
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने प्रदूषण से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना बनाई है। शहर की 149 ऊंची इमारतों ...और पढ़ें
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प्रतीकात्मक तस्वीर (फाइल फोटो)
HighLights
149 इमारतों पर एंटी-स्मॉग गन लगाने की है तैयारी
प्रदूषण नियंत्रण के लिए एमसीडी ने की बड़ी पहल
स्वच्छ हवा का लक्ष्य प्राप्त करने को उठाया कदम
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में वायु प्रदूषण अति खराब स्थिति में है, उसके मद्देनजर एमसीडी ने 149 ऊंची इमारतों पर एंटी-स्माग गन लगाने की तैयारी की है। साथ ही 591 किमी सड़कों और नालों के पुनर्निर्माण के लिए 755 करोड़ रुपये की कार्य योजना बनाई है।
महापौर राजा इकबाल सिंह ने बताया कि एमसीडी के बिल्डिंग विभाग ने जिन ऊंची इमारतों को एंटी स्माग लगाने के लिए चिन्हित किया है, उसमें माल, कार्यालय, होटल और शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं।अभी तक 15 ऊंची इमारतों पर वायु में जहरीले कण को कम करने वाले एंटी स्माग गन लगाए गए हैं। इसी तरह, लैंडफिल स्थलों और संयंत्रों पर 20 स्थाई एंटी-स्माग गन लगे हैं।
महापौर आगे बताते हैं कि वायु और धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के प्रयासों के तहत मुख्य सड़कों की सफाई के लिए 52 मेकैनिकल रोड स्वीपर तैनात किए हैं, जो एक दिन छोड़कर लगभग 3,400 किमी सड़कों की सफाई कर रहे हैं।
जल्द ही 18 और यांत्रिक स्वीपर जोड़ने की योजना है। उन्होंने बताया कि एमसीडी लगभग 6,130 किमी सड़कों का रखरखाव करती है, जिसका 57 हजार कर्मचारी प्रतिदिन सफाई कर रहे हैं।
इसी तरह अप्रैल से सितंबर की अवधि में 224 किमी सड़कों को ठीक किया है और 7,600 से अधिक गड्ढों की मरम्मत की गई है। उसी तरह, एमसीडी क्षेत्र में मौजूदा समय में 167 वाटर स्प्रिंकलर और 28 मोबाइल एंटी-स्माग गन का उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि डीपीसीसी वेब पोर्टल पर पंजीकृत 760 साइटों से निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए एमसीडी नियमित निगरानी कर रही है और उल्लंघन मामले में कार्रवाई कर रही है। जनवरी से अक्टूबर तक में एमसीडी के बिल्डिंग विभाग ने सीएंडडी स्थलों पर उल्लंघन के मामलों में 12.1 करोड़ रुपये के कुल 1,222 पर्यावरण मुआवजा नोटिस जारी किए हैं।
एक से 31 अक्टूबर की अवधि में स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट उल्लंघनों से संबंधित 5,322 चालान जारी किए हैं, जिससे कुल 15,50,220 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। सबसे अधिक चालान नजफगढ़ जोन (934) में जारी किए गए, इसके बाद केशवपुरम जोन (883) और सिटी एसपी जोन (604) का स्थान रहा।
एमसीडी ने सीएंडडी मलबे के सुरक्षित निपटान के लिए 106 स्थल निर्धारित किए हैं और जल्द ही और स्थल जोड़े जाएंगे। इनमें से लगभग 59 स्थलों को बैरिकेडिंग, स्प्रिंकलर और साइनबोर्ड के साथ विकसित किया गया है, जबकि 19 स्थलों पर कार्य प्रगति पर है।
