दिल्ली पुलिस ने 48 घंटे में दबोचे 1,146 साइबर क्रिमिनल, देश भर में लोगाें से ठगे गए 944 करोड़ किए ट्रेस
दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ ऑपरेशन साई-हाक 2.0 चलाया है। इस ऑपरेशन का उद्देश्य दिल्ली में बढ़ रहे ...और पढ़ें

HighLights
दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ कसा शिकंजा
ऑपरेशन साई-हाक 2.0 का हुआ सफल संचालन
साइबर अपराधों पर लगाम लगाने की कवायद तेज
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में बढ़ते साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने दो दिवसीय ऑपरेशन साईहाॅक 2.0 चलाया। इस अभियान के तहत साइबर अपराध सिंडिकेट को सपोर्ट करने वाले फाइनेंशियल इको-सिस्टम पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया गया।
10 और 11 दिसंबर तक चले अभियान में दिल्ली के सभी जिलों के साथ-साथ कई अन्य राज्यों में भी पांच हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की सैकड़ों टीमों ने एक साथ छापेमारी की। अभियान के तहत 1,146 जालसाज गिरफ्तार किए गए, 7,015 लोगों को हिरासत में लिया गया, 1,736 लोगों को नोटिस जारी किए गए, 392 नई एफआईआर दर्ज की गईं।
इनका 228 पुरानी एफआईआर से लिंक मिला और साथ ही ऑपरेशन के दौरान एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के तहत बताई गई देशभर में 944 करोड़ की धोखाधड़ी की रकम को साइबर अपराध करने वालों से जुड़े अलग-अलग म्यूल बैंक अकाउंट से जोड़ा गया। वहीं छापेमारी में भारी मात्रा में मोबाइल, लैपटाप, वित्तीय दस्तावेज, बैंक पेपर, सिम सेट और इलेक्ट्राॅनिक डिवाइस बरामद हुए।
बरामद डिवाइस की फारेंसिक जांच कर मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई का मुख्य लक्ष्य साइबर अपराधों से अर्जित धन को रूट करने वाले म्यूल अकाउंट (धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल किए जाने बैंक अकाउंट), कैश हैंडलर, डिजिटल बिचौलिए, सिम सप्लायर और गैर-कानूनी फाइनेंशियल चैनल थे, जिनकी वजह से देश भर में साइबर अपराध माॅड्यूल पनपते हैं।
आईएफएसओ के संयुक्त पुलिस आयुक्त रजनीश गुप्ता के मुताबिक, इस बार भी साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए गए अभियान को खुद दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने लीड किया। पुलिस हेड क्वाटर्स से साइबर क्राइम में इस्तेमाल म्यूल बैंक खाते, म्यूल मोबाइल सिम कार्ड, ऐसे एटीएम बूथ की जानकारी जहां ठगों ने सबसे ज्यादा नकदी निकाली, चैक, ऐसे प्वाइंट आफ सेल (पीओएस) जहां ट्रांजेक्शन या शापिंग के लिए कार्ड स्वैप किए गए आदि सभी जानकारी साझा की गई।
यह जानकारी मिलने के साथ ही साइबर पुलिस टीमें संदिग्ध लोगों की धरपकड़ में लग गईं। यही वजह रही कि महज 48 घंटों के भीतर ही पुलिस ने साइबर अपराध में शामिल 1,146 आरोपियों को पकड़ने में कामयाबी हासिल की।
साइहाक 2.0 के तहत की गई कार्रवाई
- पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए लोग – 7,015
- गिरफ्तार किए गए – 1,146
- नोटिस जारी – 1,736
- कुल कानूनी कार्रवाई – 2,882
- नई एफआईआर दर्ज – 392
- पुरानी एफआईआर से लिंक – 228
- एनसीआरपी से जुड़ी शिकायतों से लिंक – 4,058
- धोखाधड़ी की रकम ट्रेस – 944 करोड़ रुपये
बीते माह चलाया गया था साईहाॅक 1.0
दिल्ली भर में व्यापक स्तर पर साईहाॅक ऑपरेशन 19 नवंबर की सुबह आठ बजे से 21 नवंबर की सुबह आठ बजे तक 48 तक चलाया गया था। इस दौरान 877 जालसाजों को गिरफ्तार किया गया था और 4,317 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया था। इसके अलावा साइबर क्राइम से जुड़ी 360 नई शिकायतों पर तुरंत एफआईआर भी दर्ज की गई थीं।
इसके अलावा, पहले से पेंडिंग 160 एफआईआर वाले साइबर फ्राड मामलों के सिलसिले में साइबर स्कैमर्स को ट्रेस करके पकड़ा गया था। साइबर अपराध माॅड्यूल के बैकवर्ड लिंकेज में शामिल संदिग्धों को 509 नोटिस जारी किए गए थे।
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