नई दिल्ली, जागरण डिजिटल डेस्क। Delhi Weather Alert: जुलाई से सितंबर तक सक्रिय रहने वाला मानसून 2022 दिल्ली-एनसीआर से पूरी तरह से विदा हो गया है। इस बीच मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है, लेकिन इसका मानसून से कोई संबंध नहीं होगा।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले सप्ताह दिल्ली-एनसीआर में लगातार कई दिन और अच्छे स्तर पर होने के आसार हैं। संभावित बारिश के पीछे इयान तूफान का असर बताया जा रहा है। स्काईमेट वेदर के अनुसार साउथ चाइना सी से उठा इयान तूफान दुनिया के विभिन्न देशों को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते दिल्ली-एनसीआर में भी बारिश होने के आसार हैं।

अगले सप्ताह हो सकती है बारिश

स्काईमेट वेदर के विशेषज्ञ महेश पलावत (Skymet Weather expert Mahesh Palawat) ने कहा कि मानसून खत्म होने के बावजूद बंगाल की खाड़ी पर कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण चार या पांच अक्टूबर से दो-तीन दिन वर्षा हो सकती है। इसके चलते वायु प्रदूषण के स्तर में कमी आ सकती है। दरअसल, पिछले कई दिनों से हल्की बारिश के चलते दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण काबू में था,लेकिन बारिश थमते से वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ने लगा है।  

सोमवार तक नहीं होगा कोई बदलाव

मानसून के विदा होने के साथ पहले दिन यानी बृहस्पतिवार को आसमान साफ रहा। वहीं शुक्रवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इस दौरान अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है। तीन अक्टूबर तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा।

मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम 33.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों हल्की ठंड का एहसास होता है।

यमुना का जल स्तर खतरे के निशान से आया नीचे

इस बीच पहाड़ों पर बारिश थमने के बाद इसका असर मैदान इलाकों पर नजर आने लगा है। यही वजह है कि हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से यमुना में अब पानी कम छोड़ा जा रहा है। इससे नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से नीचे आ गया है। ऐसे में बृहस्पतिवार शाम लगभग पौने पांच बजे लोहे वाले पुल को वाहनों के लिए खोल दिया गया। इससे दो दिन यहां से वाहनों की आवाजाही शुरू हुई । हालांकि, पानी अब भी चेतावनी के स्तर (204.50 मीटर) से ऊपर है।

27 सितंबर को बंद की थी ट्रेनों की आवाजाही

सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग के कंट्रोल रूम के अनुसार शुक्रवार शाम तक जलस्तर चेतावनी के स्तर से नीचे आ जाएगा। हथिनी कुंड बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ने से 26 सितंबर की रात लगभग नौ बजे यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान (205.33 मीटर) से ऊपर पहुंच गया था। इसके बाद जलस्तर बढ़कर 206.59 मीटर तक पहुंच गया। ऐसे में 27 सितंबर को लोहे वाले पुल से वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई थी।

जलस्तर बढ़ने के आसार नहीं

पुल से ट्रेनों का परिचालन भी बंद कर दिया गया था। इसके बाद जलस्तर घटना शुरू हुआ, तो बुधवार शाम को लोहे वाले पुल से ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया गया था, लेकिन वाहनों का आवागमन बंद रखा गया था। बृहस्पतिवार शाम को नदी का जलस्तर घटकर 205.24 मीटर हो गया है, जो खतरे के निशान से नीचे है। अभी हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में हर घंटे 20 हजार क्यूसेक से कम पानी छोड़ा जा रहा है। लिहाजा, अब जलस्तर बढ़ने की संभावना नहीं है।

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Edited By: Jp Yadav

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