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    दिल्ली में इन गाड़ियों की एंट्री पर लगी रोक हटी, वर्क फ्रॉम होम और स्कूलों में हाइब्रिड कक्षाएं खत्म

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 11:25 PM (IST)

    दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के तीसरे चरण के सभी प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से हटा दिए गए हैं। वा ...और पढ़ें

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    ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के तीसरे चरण के सभी प्रतिबंध तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दिए गए हैं। 

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली समेत एनसीआर की वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के तीसरे चरण के सभी प्रतिबंध तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दिए गए हैं। यह फैसला वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने प्रदूषण स्तर में गिरावट और मौसम में सुधार के आधार पर लिया है।

    इसके तहत बीएस तीन पेट्रोल और बीएस चार डीजल वाहनों पर लगी रोक भी हटा दी गई है, जिससे पर्यावरण सुधार के बावजूद शहर में आवागमन के लिए सुविधा बढ़ी है। मालूम हो कि ग्रेप तीन के प्रतिबंध 13 दिसंबर को लगाए गए थे।

    सीएक्यूएम के एक अधिकारी ने बताया, “दिल्ली का एक्यूआई, जो गुरुवार को 380 यानी ''बहुत खराब'' श्रेणी में दर्ज किया गया था, उसमें उल्लेखनीय सुधार हुआ है। शुक्रवार शाम चार बजे यह 236 यानी कि ''खराब'' श्रेणी में दर्ज किया गया, जो एक सकारात्मक रुझान दर्शाता है। वायु गुणवत्ता के मौजूदा रुझान को देखते हुए ही ग्रेप उप-समिति ने पूरे एनसीआर में ग्रेप तीन के सभी प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्णय लिया है।”

    अधिकारी ने आगे कहा, “हालांकि एनसीआर में ग्रेप एक और दो के सभी प्रतिबंध पूर्ववत्त लागू रहेंगे।” मौसम विभाग और आइआइटीएम पुणे के पूर्वानुमान अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली समेत एनसीआर में मौसम अनुकूल रहेगा और वायु गुणवत्ता ''खराब'' से ''बहुत खराब'' श्रेणी के निचले स्तर पर बने रहने की उम्मीद है।

    ग्रेप के तीसरे चरण के तहत बंद किए गए निजी निर्माण कार्यों, गैर-जरूरी डीजल ट्रकों, ईंट भट्टों और हाट मिक्स प्लांटों को फिर से काम करने की अनुमति मिली है। अंतर-राज्यीय डीजल बसें जो सीएनजी, इलेक्ट्रिक या बीएस छह मानकों को पूरा नहीं करती हैं, उन्हें भी अब दिल्ली में प्रवेश करने से नहीं रोका जाएगा।

    हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया कि निर्माण और विध्वंस परियोजना स्थलों, जिन्हें वैधानिक निर्देशों, नियमों या दिशानिर्देशों के उल्लंघन या अनुपालन नहीं करने के कारण विशेष रूप से बंद करने के आदेश जारी किए गए थे, उन्हें आयोग के स्पष्ट आदेश के बिना किसी भी परिस्थिति में संचालन फिर से शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

    सरकारी आदेश के अनुसार, पूर्व में लागू शिक्षा व्यवस्था में भी बदलाव होगा, जहां कक्षा पांच तक के छात्रों के लिए ऑनलाइन शिक्षा को विकल्प के रूप में रखा गया था। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी ग्रेप के तीसरे चरण की पाबंदियां हटाने के फैसले की जानकारी साझा की है। उन्होंने एक्स पर लिखा- मैं सभी दिल्ली वासियों को सूचित करना चाहता हूं कि सीएक्यूएम के आदेश अनुसार दिल्ली में अब ग्रेप तीन की पाबंदियां हटा दी गई हैं और राजधानी में ग्रेप एक व दो लागू है।

    दिल्ली में लकड़ी और कोयले जलाने पर पाबंदी

    इसी के तहत दफ्तरों में 50 प्रतिशत वर्क फ्राम होम की व्यवस्था खत्म कर दी गई है और स्कूलों में चल रहा हाइब्रिड मोड भी अब बंद कर दिया गया है। अब सभी व्यवस्थाएं ग्रेप एक व दो के नियमों के अनुसार ही चलेंगी। पटाखों पर प्रतिबंध, होटलों, रेस्तरां और खुले भोजनालयों में कोयले और लकड़ी के उपयोग पर प्रतिबंध और डीजल जनरेटर सेट के उपयोग पर सीमाएं भी यथावत रहेंगी।

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