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IGI एयरपोर्ट पर टर्मिनल बदलना अब होगा आसान, एयरसाइड बस सेवा और अंडरग्राउंड वॉकवे का भी प्रस्ताव

Published: Mon, 11 May 2026 09:10 PM (IST)

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों के लिए टर्मिनल बदलना अब आसान होगा। एयरपोर्ट प्रशासन एयरसाइड बस ...और पढ़ें

नई योजना के तहत एयरपोर्ट के प्रतिबंधित एयरसाइड क्षेत्र में ही विशेष बस सेवा शुरू की जाएगी।

नई योजना के तहत एयरपोर्ट के प्रतिबंधित एयरसाइड क्षेत्र में ही विशेष बस सेवा शुरू की जाएगी। 

HighLights

  1. एयरसाइड बस सेवा से टर्मिनल बदलना होगा आसान।

  2. भूमिगत वॉकवे से मेट्रो यात्रियों को मिलेगी राहत।

  3. यात्रियों का समय बचेगा, यात्रा होगी सुविधाजनक।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शुमार दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) पर यात्रियों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। एयरपोर्ट प्रशासन टर्मिनल-1 (टी1), टर्मिनल-2 (टी2) और टर्मिनल-3 (टी3) के बीच आवागमन आसान बनाने के लिए नई सुविधाएं विकसित कर रहा है। इसके तहत एयरसाइड ट्रांजिट सिस्टम और भूमिगत वाकवे तैयार किए जा रहे हैं, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और सफर अधिक सुविधाजनक होगा।

फिलहाल, यात्रियों को एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल जाने के लिए शटल या डीटीसी बसों का इस्तेमाल करना पड़ता है। इन बसों को एयरपोर्ट के बाहर शहर के ट्रैफिक से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे खासकर पीक आवर में काफी समय लग जाता है। टी1 से टी3 तक पहुंचने में कई बार करीब आधा घंटा लग जाता है।

नई योजना के तहत एयरपोर्ट के प्रतिबंधित एयरसाइड क्षेत्र में ही विशेष बस सेवा शुरू की जाएगी। इससे यात्री एयरपोर्ट परिसर से बाहर निकले बिना सीधे दूसरे टर्मिनल तक पहुंच सकेंगे। अधिकारियों का मानना है कि इससे यात्रा का समय कम होगा और बार-बार सुरक्षा जांच की परेशानी से भी राहत मिल सकती है। इसके लिए एयरपोर्ट प्रशासन ने हब एंड स्पोक माडल का प्रस्ताव सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) को भेजा है।

मेट्रो से एयरपोर्ट पहुंचने वाले यात्रियों को भी नई सुविधा का लाभ मिलेगा। वर्तमान में एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन से टी2 तक पहुंचने के लिए करीब 750 मीटर पैदल चलना पड़ता है, जिसमें 15 से 20 मिनट तक लग जाते हैं। अब मेट्रो स्टेशन को सीधे टी2 से जोड़ने के लिए भूमिगत पैदल मार्ग बनाया जा रहा है। इसके बनने के बाद पैदल दूरी घटकर लगभग 80 मीटर रह जाएगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और भारी सामान के साथ सफर करने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।

दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। टी2 से इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और आकासा एयर जैसी एयरलाइंस संचालित होती हैं, जबकि टी3 से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित की जाती हैं। ऐसे में कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने वाले यात्रियों को अक्सर टर्मिनल बदलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों के अनुसार नई परियोजनाओं का उद्देश्य यात्रियों को तेज, आरामदायक और निर्बाध ट्रांजिट सुविधा उपलब्ध कराना है।

एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार इन परियोजनाओं को इस वर्ष के अंत तक पूरा करने की तैयारी में है। हालांकि इन सुविधाओं को शुरू करने से पहले सुरक्षा एजेंसियों की अंतिम मंजूरी जरूरी होगी। मंजूरी मिलने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों का यात्रा अनुभव पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा।

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