होंठों पर लाल टेप लगाकर कोर्ट पहुंचे वकील पर दिल्ली हाईकोर्ट नाराज़, आचरण को बताया 'अनुचित'
दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक वकील द्वारा अपने होंठों पर लाल टेप लगाकर अदालत में आने पर कड़ी आपत्ति जताई ...और पढ़ें

HighLights
वकील के होंठों पर लाल टेप से कोर्ट नाराज।
आचरण को दिल्ली हाईकोर्ट ने बताया अनुचित।
अदालत की गरिमा को कम करने का प्रयास।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। अवमानना मामले में लाल फीता होठों पर लगाकर अदालत में पेश होने पर दिल्ली हाई कोर्ट ने अधिवक्ता से नाराजगी व्यक्त की। 25 साल से अधिक के अनुभव वाले अधिवक्ता ने दावा किया था कि इस मामले में उसे पिछली सुनवाई के दौरान चुप करा दिया गया था। यह वाकया तब हुआ जब अदालत की अवमानना के एक मामले और नंद किशोर नाम के एक व्यक्ति द्वारा दायर एक जुड़ी हुई रिट याचिका पर न्यायमूर्ति नितिन वासुदेव साम्ब्रे और न्यायमूर्ति अनीश दयाल की पीठ सुनवाई कर रही थी।
जैसी की अदालत की कार्यवाही शुरू हुई, किशोर की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता आरके सैनी मुंह पर लाल टेप लगाकर अदालत में चले गए। पहले तो पीठ को लगा कि शायद उन्हें चोट लगी है। अदालत ने जब सैनी से टेप के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि वह सिर्फ सांकेतिक विरोध जता रहे थे।
उन्होंने पीठ को बताया कि पिछली सुनवाई में बहस के दौरान उन्हें बीच में ही रोक दिया गया था और इसलिए उन्होंने यह दिखाने के लिए अपने होंठों पर टेप लगा लिया कि उन्हें अपना केस पेश करने से रोका गया था।
अधिवक्ता के उक्त आचरण की कड़ी आलोचना करते हुए पीठ ने कहा कि पूरी तरह से अनुचित है और 25 साल से ज्यादा के अनुभव वाले एक वकील के लिए ठीक नहीं है। पीठ ने कहा कि अधिवक्ता आरके सैनी को पहले सिर्फ इसलिए रुकने के लिए कहा गया था क्योंकि उनकी दलीलें बहुत लंबी और दोहराव वाली हो गई थीं।
पीठ ने कहा कि अधिवक्ता के खिलाफ आदेश पास कर सकते हैं, लेकिन उनके लंबे अनुभव को देखते हुए अदालत उनके गलत और अनुचित व्यवहार पर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त करती है।
