जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने सरकारी स्कूलों की वार्षिक परीक्षा के नतीजों के आंकड़े जारी किए हैं। सत्र 2018-19 में स्कूलों में 11वीं में पास फीसद 80 तक पहुंच गया है। सरकार ने दावा किया है कि बीते आठ साल में ऐसा पहली बार हुआ है। पिछले वर्ष पास फीसद 71 था।

नौवीं के पास फीसद में पिछले सत्र के मुकाबले मामूली बढ़ोतरी हुई है। सत्र 2018-19 में यह 0.4 की वृद्धि के साथ 57.8 रहा। सरकार का कहना है पिछले चार साल में चुनौती व मिशन बुनियाद जैसी पहल से पास फीसद बढ़ा है। छात्रों का कौशल निखरा है। नौवीं तक छात्र पहुंचें, इसके लिए नए कार्यक्रम शुरू किए गए। वहीं, वर्ष 2018-19 में पांचवीं में 416 सर्वोदय विद्यालयों में कुल 26 हजार छात्रों का नामांकन हुआ। इनमें से न्यूनतम निर्धारित अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या 93 फीसद तक रही। वहीं आठवीं के छात्रों के पास फीसद में पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष पांच फीसद का इजाफा हुआ। इस वर्ष पास फीसद 64.7 रहा।

राज्य सरकार नो डिटेंशन पॉलिसी को निरस्त करने के लिए स्वतंत्र

सरकार ने कहा कि शिक्षा के अधिकार कानून (आरटीई) में हाल ही में संशोधन किया गया है। इसके अनुसार अब राज्य सरकारें पांचवीं और आठवीं में नो डिटेंशन पॉलिसी (बच्चों को फेल न करके अगली कक्षा में भेजना) को निरस्त करने के लिए स्वतंत्र हैं। इस संबंध में दिल्ली स्टेट एडवाइजरी काउंसिल की ओर से गठित समिति की रिपोर्ट में सिफारिश की गई है। अगले सत्र 2019-20 से यह प्रावधान किया गया है कि पांचवीं और आठवीं में कुछ हालातों में छात्रों को रोक सकते हैं।

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ग्यारहवीं में पास फीसद

अकादमिक सत्र - पास फीसद

2017-18- 71

2015-16 -72

2014-15- 63

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नौवीं में पास फीसद

अकादमिक सत्र - पास फीसद

2015-16- 50.8

2016-17-52.3

2017-18- 57.4

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Posted By: Jagran

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