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PUC सर्टिफिकेट नहीं तो पेट्रोल-डीजल नहीं, दिल्ली में 18 दिसंबर से इन गाड़ियों पर बैन; सिर्फ BS-6 वाहनों को मिलेगी एंट्री

Published: Tue, 16 Dec 2025 03:31 PM (IST)

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि गुरुवार से दिल्ली के बाहर से सिर्फ BS-VI गाड़ियों को ...और पढ़ें

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HighLights

  1. दिल्ली में सिर्फ BS-VI गाड़ियों को प्रवेश मिलेगा

  2. प्रदूषण के लिए मंत्री सिरसा ने मांगी माफी

  3. आप सरकार पर प्रदूषण फैलाने का आरोप

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। Delhi Pollution राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर रेखा सरकार ने अहम फैसला लिया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि गुरुवार से दिल्ली के बाहर से सिर्फ BS-VI गाड़ियों को ही आने की इजाजत होगी।

उन्होंने कहा, "किसी भी चुनी हुई सरकार के लिए 9-10 महीने में AQI कम करना नामुमकिन है। मैं दिल्ली में प्रदूषण के लिए माफी मांगता हूं। हम बेईमान आप सरकार से बेहतर काम कर रहे हैं, और हमने हर दिन एक्यूआई (AQI) कम किया है।"

मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि प्रदूषण की यह बीमारी हमें आम आदमी पार्टी ने दी है, और हम इसे ठीक करने के लिए काम कर रहे हैं।

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दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने कहा कि बिना वैलिड PUCC वाले गाड़ी मालिकों को गुरुवार से पेट्रोल पंप पर फ्यूल नहीं मिलेगा।

मंत्री ने कहा कि इस वर्ष लगभग आठ महीनों तक दिल्ली की वायु गुणवत्ता पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में बेहतर रही। उन्होंने स्वीकार किया कि हाल ही में प्रदूषण का स्तर बढ़ा है, लेकिन दावा किया कि वर्तमान सरकार द्वारा पिछले दस महीनों में किए गए निरंतर प्रयासों के कारण स्थिति अभी भी पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर है।

आम आदमी पार्टी (आप) को निशाना बनाते हुए, सिरसा ने आरोप लगाया कि "दिल्ली को विकृत करने" के बाद, अब वह प्रदूषण को लेकर विरोध प्रदर्शन करके ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि पार्टी ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रदूषण नियंत्रण के लिए कौन से ठोस कदम उठाए हैं।

सरकार की पहलों पर प्रकाश डालते हुए सिरसा ने कहा कि प्रदूषण को कम करने के लिए रोजाना कार्रवाई की जा रही है, जिसमें कचरे के ढेरों की ऊंचाई 15 मीटर कम करना और 45 एकड़ भूमि की सफाई और पुनर्चक्रण करना शामिल है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने अब तक 2,000 से अधिक प्रदूषण निगरानी संयंत्र स्थापित किए हैं।

सिरसा ने आगे कहा कि बायोमेथेनेशन संयंत्र प्रदूषण में योगदान करते हैं, और सरकार ने उत्सर्जन को कम करने और स्वच्छ संचालन सुनिश्चित करने के लिए हीटर उपलब्ध कराए हैं। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की गई है और सार्वजनिक प्रदूषण नियंत्रण आयोग (पीयूसी) के उल्लंघन के लिए चालान जारी किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने शहर में 13 प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान की है, संबंधित एजेंसियों को इनसे निपटने के लिए आमंत्रित किया है, और दावा किया कि कोविड काल को छोड़कर, इन स्थानों पर एक्यूआई का स्तर इस वर्ष पिछले एक दशक की तुलना में कम रहा है, जिसे उन्होंने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

सिरसा ने यह भी कहा कि सरकार स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दे रही है, और शहर में 7,500 इलेक्ट्रिक बसें तैनात करने की योजना है, जिससे वाहनों से होने वाला प्रदूषण काफी हद तक कम हो जाएगा। एक वैज्ञानिक समिति का गठन किया गया है और उसने प्रभावी प्रदूषण नियंत्रण उपायों की सिफारिश करने के लिए पहले ही बैठकें कर ली हैं।

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