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दिल्ली में घरेलू सहायकों का 'खूनी' खेल, 5 साल में 750 से अधिक वारदात; सत्यापन न कराना पड़ रहा भारी

Published: Thu, 23 Apr 2026 06:35 AM (IST)

राजधानी दिल्ली में घरेलू सहायकों द्वारा की गई आपराधिक घटनाओं में वृद्धि ने पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में हाल ही में घरेलू सहायकों द्वारा की गई दो बड़ी वारदातों ने लोगों के मन में चिंता पैदा कर दी है। इन घटनाओं ने पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। घरेलू सहायकों के सत्यापन में न तो पुलिस गंभीर है और न ही लोग जागरूक हो रहे हैं। इस लापरवाही के कारण ही घरेलू सहायकों की भूमिका अब जानलेवा बनती जा रही है। 

कानून के अनुसार, घरेलू सहायकों, किरायेदारों और निजी ड्राइवरों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य है। यदि कोई मकान मालिक सत्यापन नहीं कराता है, तो पुलिस उनके खिलाफ मामला दर्ज कर सकती है, जिसमें जेल और जुर्माने का प्रविधान है। 

दिल्ली पुलिस के आंकड़ों को देखा जाए जो राजधानी में 2020 से 2025 के बीच घरेलू सहायकों द्वारा लूट और चोरी की 750 से अधिक वारदात को अंजाम दिया गया। इनमें करीब 650 आरोपित गिरफ्तार किए गए। इनमें ज्यादातर मामलों में घरेलू सहायक का सत्यापन नहीं कराया गया था।

घरेलू सहायक ने साथियों के साथ मिलकर की लूटपाट

कुछ दिन पहले लुटियंस दिल्ली में शराब कारोबारी प्रवीण चावला के घरेलू सहायक सुशील कामत ने साथियों के साथ मिलकर घर में लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद घरेलू सहायिका ने बाहरी दिल्ली में काम शुरू करने के तीन दिन में ही नकदी व जेवरात चोरी कर लिए। इसी बीच अमर कालोनी में आइआरएस अधिकारी के यहां काम कर चुके घरेलू सहायक राहुल मीणा ने उनकी बेटी की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी।

सुशील कामत का पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया था। इसमें कारोबारी और स्थानीय थाना पुलिस दोनों की लापरवाही थी। जांच में पता चला कि कामत का आपराधिक इतिहास था और वह पहले भी कई बार घरेलू सहायकों के रूप में काम कर चुका था और गाजियाबाद व दिल्ली में वारदात को अंजाम दिया था। 

यदि उसका सत्यापन किया गया होता, तो ये घटनाएं टल सकती थीं। इसी तरह बाहरी दिल्ली में हुई चोरी में भी पुलिस सत्यापन नहीं कराया था। जबकि उसने इससे पूर्व दो अन्य घरों में भी इसी तरह चोरी की वारदात को अंजाम दिया।

इसलिए लोग बरतते हैं लापरवाही

अत्यधिक विश्वास, कानूनी प्रक्रिया से बचना, अस्थायी नियुक्ति और पहचान छिपाना। जब घरेलू सहायकों का रिकॉर्ड पुलिस के पास नहीं होता, तो अपराधी मानसिकता वाले लोग बेखौफ हो जाते हैं। ऐसे में वारदात के बाद जांच में पता चलता है कि नौकर ने जो नाम या गांव बताया था, वह अस्तित्व में नहीं है। 

पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है कि घरेलू सहायकों को काम पर रखने से पहले उनकी पुलिस क्लीयरेंस रिपोर्ट अवश्य मांगें। यदि वे स्थायी पता या फोटो देने में आनाकानी करें, तो उन्हें काम पर रखना खतरे को आमंत्रित करना है। घरेलू सहायकों का सत्यापन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मकान मालिक को ये करना होता है

हर थाने में सत्यापन के फॉर्म रखे होते हैं। वहां से फॉर्म लेकर मकान मालिकों को घरेलू सहायक का फोटो, उसका आधार कार्ड नंबर व स्थायी पता और पिछले मालिक का विवरण आदि भरकर थाने में जमा करना होता है। दिल्ली पुलिस के एप को डाउनलोड करके भी लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

घरेलू सहायकों द्वारा की वारदात

  • 20 अप्रैल 2026 : पाश इलाके गोल्फ लिंक्स कालोनी में शराब कारोबारी के घर में डकैती के दौरान घरेलू नौकर सुशील उर्फ गुड्डू कुमार कामत और उसके सात अन्य साथियों ने कोठी में मौजूद सभी सदस्यों को बंधक बना करीब 30 लाख के आभूषण व नकदी लूटकर फरार हो गए।
  • जुलाई 2025 : लाजपत नगर में पैसों को लेकर विवाद और डांट-फटकार के बाद घरेलू सहायक ने मालकिन रुचिका सेवानी और उनके 14 वर्षीय बेटे की गला रेतकर हत्या कर दी।
  • मई 2024 : दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में एक डाक्टर की उनके घरेलू सहायक और उसके साथियों ने हत्या कर दी। आरोपित ने लूटपाट के इरादे से अपने 7-8 साथियों के साथ मिलकर डाक्टर को बंधक बनाया और फिर हत्या की थी।
  • जुलाई 2021 : वसंत विहार में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. रंगराजन कुमारमंगलम की पत्नी और वकील किट्टी कुमारमंगलम की उनके धोबी और उसके दो साथियों ने गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या का मकसद लूटपाट था।
  • जुलाई 2014 : ग्रेटर कैलाश-II में एक घरेलू सहायक नीरज साकी ने 81 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म करने के बाद उनकी गला घोंटकर हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को आग लगा दी थी।


वर्षवार दर्ज मामले और गिरफ्तारियां

आंकड़े (2020 से 2024 तक)
वर्ष मामले दर्ज हुए गिरफ्तारियां हुईं
2020 106 74
2021 154 157
2022 164 151
2023 119 88
2024 106 94

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