आतंकी उमर रखता था 'सीक्रेट' सूटकेस, क्या होता था अंदर? दिल्ली ब्लास्ट में एक और नया खुलासा
दिल्ली के लाल किले के पास कार बम विस्फोट की साजिश रचने वाले उमर उन नबी के बारे में नए ...और पढ़ें
-1764075735177_m.webp)
फरीदाबाद से पकड़े गए मॉड्यूल के अन्य डॉक्टरों से पूछताछ में कई चौंकानेवाली बात सामने आई।
HighLights
उमर वानी की मौत का बदला चाहता था।
खुद को 'अमीर' बताता था उमर।
नौ भाषाओं का जानकार था उमर।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली में लाल किले के पास कार बम विस्फोट करने वाला डॉक्टर से आत्मघाती हमलावर बना उमर उन नबी को लेकर नए खुलासे हो रहे हैं। फरीदाबाद से पकड़े गए मॉड्यूल के अन्य डॉक्टरों से पूछताछ में कई चौंकानेवाली बात सामने आई है। इसमें यह पता चला है कि उमर 2016 में सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए आतंकी बुरहान वानी की मौत का बदला लेना चाहता था।
पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि आतंकी उमर उन नबी के पास एक विशाल सूटकेस होता था जो उसका चलता-फिरता वर्कस्टेशन होता था। वह जहां भी जाता था, उसे अपने साथ रखता था। उन्होंने बताया कि इसमें बम बनाने की सामग्री जैसे केमिकल कंपाउंड आदि और उन्हें रखने के लिए कंटेनर होते थे। उसने बताया कि उमर ने अल फलाह यूनिवर्सिटी स्थित अपने कमरे में विस्फोटकों और केमिकल का परीक्षण भी किया था। पुलिस को उसके सूटकेस में बम बनाने के सामान की पुष्टि हुई है।
खुद को 'अमीर' कहता था उमर
इसमें यह भी सामने आया है कि वह अपने सहयोगियों के सामने खुद को 'अमीर' कहता था। वह इस शब्द का इस्तेमाल इसलिए करता था ताकि वह उसके सामने उसका नेता जैसा दिखे। अल फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर मुजम्मिल शकील ने उमर को अमीर कहा। शकील को जैश-ए-मोहम्मद के मुख्य मौलवी इरफान अहमद ने आतंकी मॉड्यूल में सबसे पहले भर्ती किया था।
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए एक अन्य संदिग्ध आतंकवादी शाहीन सईद ने भी पूछताछ के दौरान अहम जानकारी दी है। जांचकर्ताओं ने बताया कि मुजम्मिल शकील ने उन्हें बताया कि उमर उन नबी के अनुभव के सामने वह कुछ भी नहीं है। आतंकवादियों ने अपनी योजना का नाम 'ऑपरेशन अमीर' रखा था, जिसमें आत्मघाती हमलावर उमर को उसका मुखिया बनाया गया था।
नौ भाषाएं जानता था आतंकी उमर
जांचकर्ताओं ने मुजम्मिल शकील के हवाले से बताया कि उमर उन नबी नौ भाषाएं जानता था और आतंकी मॉड्यूल में सबसे शिक्षित और बुद्धिमान शख्स था। मुजम्मिल शकील ने आत्मघाती हमलावर को ऐसे व्यक्ति के रूप में चित्रित किया जो आसानी से परमाणु वैज्ञानिक बन सकता था।
जांचकर्ताओं ने बताया कि मुजम्मिल शकील ने कहा, "हम उनका (उमर उन नबी) का विरोध नहीं कर सके। उनके शब्द तथ्यों और शोध से भरे होते थे। वह हमेशा खुद को अमीर कहते थे और ज्यादा बात नहीं करते थे। अंत तक वह यही कहते रहे कि यह धर्म के बारे में था और किसी चीज के बारे में नहीं।" उमर उन नबी अक्सर व्हाइट कॉलर मॉड्यूल के अन्य डॉक्टरों से कहा करता था कि भारत में मुसलमानों के लिए माहौल खराब है। बड़े स्तर पर नरसंहार की आशंका है, इसलिए उन्हें तैयार रहना चाहिए।
