अवैध संबंध और कर्ज से बचने के लिए ऑटो चालक ने खुद को गोली मरवाई, तीन लोगों को फंसाने की रची साजिश
एक ऑटो चालक ने अवैध संबंधों और कर्ज से बचने के लिए अपने दोस्त से खुद को गोली मरवा ली। उसने तीन लोगों पर गोली मारने का आरोप लगाया, जिनमें उसका साहूकार ...और पढ़ें

साहूकार को फंसाने के लिए खुद के कंधे में अपने एक दोस्त से गोली मरवा ली।
जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। ऑटो चालक ने अपने अवैध संबंध में बाधा बन रहे लोगों और कर्ज नहीं चुका पाने पर साहूकार को फंसाने के लिए खुद के कंधे में अपने एक दोस्त से गोली मरवा ली। फिर साहूकार समेत तीन लोगों पर गोली मारने का आरोप लगा दिया। पुलिस ने चालक के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। लेकिन पुलिस जांच के दौरान कथित आरोपितों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले।
पुलिस ने जब चालक से सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जूर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने चालक और वारदात में शामिल उसके एक साथी के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके कब्जे से एक पिस्टल और कारतूस बरामद कर लिया है। आरोपितों की पहचान सोनिया विहार निवासी आटो चालक 53 वर्षीय प्रभाष पांडेय और बुराड़ी निवासी 28 वर्षीय आशीष के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में पता चला कि प्रभाष उत्तर प्रदेश के सीतापुर का रहने वाला है। जो सीतापुर के थाना लहरपुर का हिस्ट्रीशीटर है। उसपर उत्तर प्रदेश में दुष्कर्म, हत्या, चोरी एवं सेंधमारी के 11 मामले समेत दिल्ली में चोरी एवं सेंधमारी के नौ मामले दर्ज हैं।
उत्तर पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त भीष्म सिंह ने बताया कि 28 दिसंबर की देर रात दो बजे मुखर्जी नगर थाना पुलिस को रिंग रोड वाल्मीकि मंदिर के पास एक व्यक्ति को गोली मारने की जानकारी मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे पास के अस्पताल में भर्ती कराया। उसके कंधे पर गोली लगी थी।
छानबीन में पीड़ित की पहचान प्रभाष के रूप में हुई। वह पेशे से आटो चालक था। घायल ने उधार नहीं चुकाने और अवैध संबंध में वाधा बन रहे तीन लोगों धरम सिंह उर्फ बिल्ला, संत कुमार उर्फ भाटी और तरुण माथुर पर गोली मारने का आरोप लगाया।
जांच में कथित आरोपितों के खिलाफ नहीं मिले कोई सबूत
हत्या का प्रयास का मामला दर्ज कर थाना प्रभारी राजीव शाह के नेतृत्व में पुलिस की तीन टीम ने जांच शुरू की। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आस पास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। दूसरी टीम ने आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जबकि तीसरी टीम ने पीड़ितों के लोकेशन के बारे में तकनीकी जांच की।
जिसमें आरोपितों के खिलाफ वारदात में शामिल होने के कोई साक्ष्य नहीं मिले। पुलिस ने शक के आधार पर शिकायतकर्ता से पूछताछ की, जिसमें उसने फंसाने के लिए खुद को गोली मारने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने वारदात में शामिल आशीष और प्रभाष को गिरफ्तार कर लिया।
अवैध संबंध बनाए रखना था आरोपित
पूछताछ में पता चला कि प्रभाष पांडेय अपने दोस्त धरम सिंह और उसके साथ सहमति संबंध में रहने वाली महिला के संपर्क में आया। दोस्त की अनुपस्थिति में प्रभाष ने महिला से अवैध संबंध बना लिए। धरम सिंह और महिला का बेटा तरुण माथुर इस संबंध को समाप्त करवाना चाहता था और उसे झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी दी थी।
आगे प्रभाष ने बताया कि संत कुमार से उसने 90 हजार रुपये ब्याज पर उधार लिए थे, जिसे वह चुका नहीं पा रहा था। साहूकार ने भी उसे मामले में फंसाने की धमकी दी थी। उसके बाद उसने तीनों को साजिश के तहत फंसाना चाहता था। घटना वाली रात उसने अपने दोस्त आशीष को बुलाया। उसने पिस्टल से खुद के कंधे पर गोली चलाने के बाद आशीष को पिस्टल देकर उसे वहां से भगा दिया। उसने उसे नष्ट करने के लिए कहा था। इसके बाद पुलिस ने आशीष को गिरफ्तार कर उसके पास से पिस्टल बरामद कर लिया।

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