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    Delhi Shabdotsav 2026: भजन क्लबिंग में झूम उठी आस्था, शब्दोत्सव में दिखा भक्ति का नया अवतार

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 04:59 AM (IST)

    शब्दोत्सव के समापन समारोह में 'भजन क्लबिंग' ने आस्था में आधुनिकता का तड़का लगाया। पारंपरिक भजनों और आधुनिक बीट्स के संगम ने युवा और बुजुर्ग दोनों पीढ़ ...और पढ़ें

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    मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित दिल्ली शब्दोत्सव में भजन प्रस्तुत करते पार्श्व गायक हंसराज रघुवंशी। फोटो- चंद्र प्रकाश मिश्र

    शशि ठाकुर, नई दिल्ली। भक्ति की कोई एक परिभाषा नहीं होती, लेकिन जब आस्था में आधुनिकता का तड़का लगता है तो वह युवा पीढ़ी के लिए उत्सव बन जाती है। कुछ ऐसा ही नजारा शब्दोत्सव के समापन समारोह में देखने को मिला। जहां पारंपरिक भजनों और आधुनिक क्लबिंग के अनूठे संगम ने पूरे स्टेडियम को शिवमय कर दिया।

    जैसे ही मंच से गगन राठौड़ की आवाज में मेरा भोला है भंडारी की स्वर लहरियां गूंजीं, उम्र की सारी दीवारें टूट गईं। एक तरफ नगाड़ों की पारंपरिक थाप थी तो दूसरी तरफ आधुनिक बीट्स का रोमांच। इस भजन क्लबिंग ने उस भ्रांति को तोड़ दिया कि युवा धर्म से दूर हो रहे हैं। यहां हर धड़कन महादेव के नाम थी और हर कदम आध्यात्मिक संगीत के जादू में बंधा था।

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    मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित दिल्ली शब्दोत्सव में झूमते लोग । चंद्र प्रकाश मिश्र

    भजन क्लबिंग और जैन जी का उत्साह

    कार्यक्रम का आकर्षण रहे भजन क्लबिंग का ऐसा रंग जैन जी और बुजुर्गों के समूह पर चढ़ा कि वे खुद को थिरकने से रोक नहीं पाए। बुजुर्गों और युवाओं ने जब एक साथ ताल से ताल मिलाया तो यह स्पष्ट हो गया कि अगर धार्मिक भजनों को आधुनिक लय में पिरोया जाए, तो नई पीढ़ी अपनी जड़ों पर गर्व करना जानती है।

    इस दौरान पूरा परिसर जय श्री राम और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। भक्ति के इस महासागर में जोश तब और बढ़ गया जब महाराष्ट्र का प्रसिद्ध सिंह गर्जना बैंड मैदान में उतरा। नगाड़ों की भारी गूंज और छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य के जयकारों ने माहौल में एक अलग ही ऊर्जा भर दी। ऐसा लग रहा था मानो साक्षात शिव और शक्ति का मिलन हो रहा हो।

    बातचीत में क्या बोले युवा?

    मैं भजन क्लबिंग सत्र के लिए ही शब्दोत्सव में आई थी। यहां शिव की भक्ति के साथ अपने सनातन धर्म की महानता से भी जुड़ी हूं।


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    - विकास सती

    ऐसा समारोह पहले कभी नहीं देखा जिसमें आधुनिकता और भक्ति का मेल है। जो ज्ञान और भक्ति की परिभाषा बदल रहा है।


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    - सुजल, छात्रा

    क्लब में जाने से अच्छा है भजन क्लबिंग। जो युवाओं को आधुनिकता के साथ साथ आस्था और अपनी जड़ों से भी जोड़ रहा है।


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    - रचना, छात्रा

    भजन क्लबिंग यह बहुत अच्छा विकल्प है। जिसे युवा बहुत पसंद कर रहे है। क्योंकि इसमें भजन भक्ति के साथ नाचना गाना भी शामिल है।


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    - कल्पना, छात्रा