नई दिल्ली। आईपीएल 6 में स्पॉट फिक्सिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसके अंतर्गत राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ी एस श्रीसंत, अजीत चंडीला और अंकित चावन को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है। इनपर कई मैचों में स्पॉट फिक्सिंग का शक है।

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क्या आप जानते हैं कि यह स्पॉट फिक्सिंग क्या है? इन्हें बुकी कैसे करते हैं फिक्स? आइए हम आपको विस्तार से बताते हैं

क्रिकेट में स्पॉट फिक्सिंग बहुत पुराना नहीं है। इसका जन्म बहुत बाद में हुआ। यह सामान्य मैच फिक्सिंग से कहीं आसान होता है। सटोरिए स्पॉट फिक्सिंग के अंतर्गत किसी विशेष गेंदबाज या बल्लेबाज को जरियसा बनाकर सबकुछ फिक्स करते हैं।

इसके अंतर्गत गेंदबाज को जानबूझकर नो बॉल, वाइड बॉल या फिर फुलटॉस गेंद फेंकनी होती है। जहां तक रही बात बल्लेबाज की तो वह आउट होने की फिक्सिंग करता है या किसी गेंद पर रन नहीं बनाने की सेटिंग करता है। बल्लेबाज पहले से ही तय गेंद पर आउट होता है। इससे टीम को तो नुकसान ही होता है, लेकिन खिलाड़ियों की जेबें भारी हो जाती हैं।

क्रिकेट की टी-20 फॉर्मेट में स्पॉट फिक्सिंग की भूमिका सबसे अधिक होती है, क्योंकि क्रिकेट का यह सबसे छोटा फॉर्मेट है और एक ओवर में ही मैच का पूरा रुख बदल जाता है। इसलिए सटोरियों की इसपर खासतौर पर निगाह रहती है।

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