'यह मेरा ग्राउंड है', दिल्ली के केएल राहुल की बेंगलुरु के घर में दादागीरी; मैच जीतने के बाद का सेलिब्रेशन वायरल
आईपीएल 2025 के 24वें मुकाबले में गुरुवार को केएल राहुल की दादागीरी देखने को मिली। 164 रन का टारगेट चेज करने उतरी दिल्ली ने 58 रन पर 4 विकेट खो दिए थे। एक समय लगने लगा था कि आरसीबी आसानी से इस मुकाबले को जीत लेगी। हालांकि केएल राहुल ने साबित कर दिया कि भले ही उनकी टीम बदल गई हो पर उनका होम ग्राउंड तो बेंगलुरु ही है।

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2025 के 24वें मुकाबले में गुरुवार को केएल राहुल की दादागीरी देखने को मिली। 164 रन का टारगेट चेज करने उतरी दिल्ली ने 58 रन पर 4 विकेट खो दिए थे। एक समय लगने लगा था कि आरसीबी आसानी से इस मुकाबले को जीत लेगी। हालांकि, केएल राहुल ने साबित कर दिया कि भले ही उनकी टीम बदल गई हो पर उनका होम ग्राउंड तो बेंगलुरु ही है।
राहुल ने बनाए 93 रन
केएल राहुल ने 53 गेंदों पर 93 रन की आतिशी पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 7 चौकों के साथ ही 6 छक्के लगाए। ऐसे में दिल्ली कैपिटल्स ने 18वें ओवर में ही टारगेट चेज कर लिया। केएल राहुल ने दिल्ली को जीत दिलाने के बाद बेहद आक्रामक अंदाज में क्यों मनाया जश्न। उनके इस जश्न का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
राहुल गुस्से में नजर आए
बेंगलुरु के राहुल के लिए गुरुवार की रात यादगार रही। उन्होंने अपनी पुरानी टीम के हाथों से मैच छीन लिया और दिल्ली को लगातार चौथी जीत दिलाने में मदद की। डीसी को जीत के लिए 18 गेंदों पर 18 रन चाहिए थे, जब राहुल ने दो छक्के और एक चौका लगाकर शानदार अंदाज में मैच खत्म किया। विजयी छक्का लगाने के बाद राहुल ने जिसके लिए वह जाने नहीं जाते हैं। शांत स्वभाव के राहुल ने अपना आक्रामक पक्ष दिखाया। उन्होंने पहले तो अपनी ही छाती पीटी और फिर इशारा किया कि ह उनका मैदान है।
मैच के बाद बोले केएल राहुल
राहुल ने जीत के बाद कहा, "विकेट थोड़ा मुश्किल था। मुझे 20 ओवर तक स्टंप के पीछे रहकर यह देखने में मदद मिली कि विकेट कैसे खेला जाता है। विकेटकीपिंग से मुझे लगा कि गेंद विकेट पर थोड़ी टिकी हुई थी, लेकिन यह पूरे समय एक जैसी थी। यह दो गति वाली नहीं थी, बल्कि पूरे समय एक गति वाली थी। मुझे पता था कि मेरे शॉट क्या हैं।"
मैं अच्छी शुरुआत चाहता था
उन्होंने कहा, "मैं बस एक अच्छी शुरुआत करना चाहता था, शुरुआत में आक्रामक होना चाहता था और उसके बाद उसका आकलन करना चाहता था। अगर मैं बड़ा छक्का मारने की कोशिश कर रहा था, तो मुझे पता था कि किन पॉकेट्स को निशाना बनाना है। विकेटकीपिंग से मुझे पता चला कि दूसरे बल्लेबाज कैसे खेलते हैं और वे कहां आउट होते हैं। कैच छूटने के मामले में मैं भाग्यशाली रहा। यह मेरा मैदान है, यह मेरा घर है। मैं इसे किसी और से बेहतर जानता हूं। यहां खेलने का लुत्फ उठाया।"
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