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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

"मैं इसके खिलाफ लड़ूंगा और मंजूरी...", जूतों के विवाद को लेकर ICC पर भड़के Usman Khawaja

By Jagran NewsEdited By: Geetika Sharma
Published: Thu, 14 Dec 2023 11:28 AM (IST)

ऑस्ट्रेलियाई टीम आज यानी 14 दिसंबर से पाकिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज की मेजबानी करने जा रही है। ...और पढ़ें

आईसीसी द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने पर खिलाड़ी ने एक वीडियो पोस्ट किया। फोटो- एक्स से स्क्रीनशॉट
आईसीसी द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने पर खिलाड़ी ने एक वीडियो पोस्ट किया। फोटो- एक्स से स्क्रीनशॉट

HighLights

  1. ऑस्ट्रेलियाई टीम पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज की मेजबानी करने जा रही है
  2. उस्मान अपने जूतों को लेकर विवाद में पड़ गए हैं
  3. ऐसे में आईसीसी द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने पर खिलाड़ी ने एक वीडियो पोस्ट किया

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। Usman Khawaja reply to ICC over Gaza message Shoe ban: ऑस्ट्रेलियाई टीम आज यानी 14 दिसंबर से पाकिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज की मेजबानी करने जा रही है।

क्या था पूरा मामला-

इस बीच मैच से पहले ऑस्ट्रेलियाई ओपनर उस्मान ख्वाजा प्रैक्टिस के दौरान अपने जूतों पर फिलिस्तीनी ध्वज के रंग में "स्वतंत्रता एक मानव अधिकार है" और "सभी जीवन समान हैं" संदेश के साथ मैदान पर उतरे, जिसे लेकर विवाद हो गया। 

आईसीसी ने नहीं दी अनुमति-

रिपोर्ट्स के अनुसार उस्मान पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट में इन जूतों के साथ मैच खेलना चाह रहे थे। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने उस्मान पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट के दौरान यह जूते नहीं पहनेंगे। दूसरी ओर अब आईसीसी ने खिलाड़ी को पहले मैच के दौरान जूतों पर कोई संदेश लिखने की अनुमति नहीं दी है।

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ख्वाजा ने जारी किया वीडियो-

इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने आईसीसी द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने पर अपने एक्स हैंडल पर एक इमोशनल वीडियो जारी किया है। उन्होंने कहा कि कि "क्या स्वतंत्रता सभी के लिए नहीं है? क्या सभी का जीवन समान नहीं है? मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस जाति, धर्म या संस्कृति के हैं। मैं सिर्फ उन लोगों के लिए बोल रहा हूं, जो आज चुप है।

आईसीसी का सम्मान-

आईसीसी ने कहा है ख्वाजा ने कहा कि "मैं मैदान पर वह जूते नहीं पहन सकता क्योंकि उनका मानना है कि यह उनके नियमों के अनुसार एक राजनीतिक बयान है।" उन्होंने कहा, "मैं नहीं मानता कि ऐसा है - यह एक मानवीय अपील है। मैं उनके विचार और फैसले का सम्मान करूंगा, लेकिन मैं इसके खिलाफ लड़ूंगा और मंजूरी लेने की कोशिश करूंगा।"

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