UPCA: उत्तर प्रदेश की जूनियर टीम में नेट बॉलर को सीधे मैच खिलाने पर बवाल, मुख्य चयनकर्ता को दिया गया नोटिस
उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन एक बार फिर सुर्खियों में है। आरोप हैं कि यूपीसीए की जूनियर चयन समिति के अध्यक्ष प्रशांत गुप्ता ने एक नेट बॉलर को समिति के अन्य सदस्यों को जानकारी दिए बिना ही टीम में शामिल करके मैच खिला दिया था। इसको लेकर चयन समिति के दो सदस्यों ने यूपीसीए के सचिव अरविंद श्रीवास्तव को मेल भी किया जिसके बाद प्रशांत गुप्ता से स्पष्टीकरण मांगा है।

जागरण संवाददाता, लखनऊ: उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) एक बार फिर सुर्खियों में है। आरोप हैं कि यूपीसीए की जूनियर चयन समिति के अध्यक्ष प्रशांत गुप्ता ने एक नेट बॉलर को समिति के अन्य सदस्यों को जानकारी दिए बिना ही टीम में शामिल करके मैच खिला दिया था। इसको लेकर चयन समिति के दो सदस्यों ने यूपीसीए के सचिव अरविंद श्रीवास्तव को मेल भी किया जिसके बाद सचिव ने प्रशांत गुप्ता से स्पष्टीकरण मांगा है।
UPCA में नेट बॉलर को सीधे मैच खिलाना मुख्य चयनकर्ता को पड़ गया भारी
अरविंद श्रीवास्तव ने 23 जनवरी को प्रशांत गुप्ता को एक पत्र लिखा जो दैनिक जागरण के पास मौजूद है। प्रशांत को संबोधित पत्र में लिखा है कि 17 जनवरी को भेजे गए पत्र का आपने जवाब नहीं दिया है। आपने बाकी चयनकर्ताओं से बात किए बिना नेट बालर मोनू कुमार को अंडर-16 के सेमीफाइनल मैच की टीम में शामिल कर लिया। इसको लेकर दो अन्य चयनकर्ताओं कपिल पांडेय और नासिर अली के ईमेल मुझे प्राप्त हुए जिसमें उन्होंने कहा है कि उनसे इसको लेकर सहमति नहीं ली गई थी और न ही इस संबंध में चयन समिति की कोई बैठक हुई थी।
पिछले माह 22 जनवरी को प्रशांत गुप्ता को यूपीसीए के कमला क्लब कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया था, लेकिन वह नहीं पहुंचे। नोटिस में यूपीसीए के सचिव अर¨वद श्रीवास्तव ने प्रशांत गुप्ता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। यूपीसीए के एक पदाधिकारी ने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इस साल मेरठ और खासतौर पर वहां की एक अकादमी के खिलाड़ियों को खिलाने के लिए पूरी जोड़-तोड़ की गई।
कई ऐसे खिलाड़ी जो मेरठ के नहीं थे लेकिन वह उस विशेष कृपा पात्र अकादमी में ट्रेनिंग करने लगे तो उन्हें विभिन्न आयु वर्ग की टीमों में जगह दे दी गई। पूरे यूपीसीए में इसको लेकर चर्चा आम है। सूत्रों के मुताबिक प्रशांत ने दिल्ली दरबार में भी चक्कर लगाने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी हरकतों से खफा होने के कारण उन्हें वहां से बैरंग वापस लौटा दिया गया था।
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इस मामले में जब प्रशांत गुप्ता से बात की गई तो, उन्होंने कहा कि मोनू कुमार को टीम में शामिल करने को लेकर चयन समिति के सदस्यों को जानकारी नहीं दे सका। मुझसे गलती हुई। हालांकि, इस संबंध में टीम मैनेजर और कोच की सहमति ली गई थी। यूपीसीए के सचिव के पत्र का जवाब दे दिया गया है।
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