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    सौरव गांगुली और सुनील गावस्कर को मिल सकती है आइसीए की मानद सदस्यता

    By Sanjay SavernEdited By:
    Updated: Sun, 20 Oct 2019 07:16 PM (IST)

    सौरव गांगुली और सुनील गावस्कर को सदस्यता देने के मामले में मल्होत्रा ने कहा कि हम दोनों को आइसीए का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करेंगे। ...और पढ़ें

    सौरव गांगुली और सुनील गावस्कर को मिल सकती है आइसीए की मानद सदस्यता

    नई दिल्ली, आइएएनएस। इंडियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन (आइसीए) के प्रमुख अशोक मल्होत्रा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) के भावी अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) और सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) को आइसीए (ICA) का हिस्सा बनाना चाहते हैं। एक सूत्र ने पुष्टि की है कि मल्होत्रा न केवल सौरव गांगुली और सुनील गावस्कर को आइसीए की मानद सदस्यता प्रदान करना बल्कि पूर्व खिलाडि़यों की पेंशन पर भी दोबारा काम करना चाहते हैं।

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    गांगुली और गावस्कर को सदस्यता देने के मामले में मल्होत्रा ने कहा कि हम सुनील गावस्कर और सौरव गांगुली दोनों को आइसीए का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करेंगे। खेल के दिग्गजों के बिना आप क्रिकेटर्स एसोसिएशन कैसे हो सकते हैं? अब जब गांगुली अगले बीसीसीआइ अध्यक्ष हैं तो हम चाहते हैं कि उनकी उपस्थिति हो। लेकिन हां, हम हितों के टकराव के मुद्दे से बचने के लिए उन्हें मानद सदस्यता सौंपना चाहेंगे। आइसीए के करीब 1500 सदस्य हैं। मल्होत्रा निर्विरोध चुने गए, लेकिन बीसीसीआइ की सर्वोच्च परिषद में पुरुष आइसीए प्रतिनिधि के रूप में चुने जाने के लिए अंशुमन गायकवाड़ ने कीर्ति आजाद और राकेश धुर्वे को हराया। आपको बता दें कि सौरव गांगुली 23 तारीफ को बीसीसीआइ की सालाना आम बैठक में आधिकारिक रूप से बोर्ड के अध्यक्ष बन जाएंगे। 

    शांता रंगास्वामी एकमात्र महिला उम्मीदवार थीं और स्वचालित रूप से चुनी गईं। हितेश मजूमदार को सचिव चुना गया और वी. कृष्णमूर्ति को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। यह पहली बार है कि बीसीसीआइ ने एक खिलाड़ी संघ को मान्यता दी है। लोढ़ा पैनल ने अपने प्रस्तावों में इसकी जोरदार सिफारिश की थी। आइसीए का फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल क्रिकेटर्स एसोसिएशन (एफआइसीए) से कोई संबंद्ध नहीं है और केवल संन्यास ले चुके भारतीय क्रिकेटरों को ही आइसीए का हिस्सा बनने की अनुमति है। पेंशन पर मल्होत्रा ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि प्रथम श्रेणी स्तर पर खेल चुके पूर्व खिलाड़ी भी पेंशन प्राप्त करने के योग्य हों।