यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शुभमन गिल की बैटिंग से दुखी होकर कोच के पास रोते हुए पहुंचा था ये क्रिकेटर, अब गुजरात में खेलता है साथ
भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल इस समय शानदार फॉर्म में हैं और हर जगह रन बना रहे हैं। ...और पढ़ें

HighLights
- शुभमन गिल भारत के उभरते हुए खिलाड़ी हैं
- इस समय शुभमन गिल का बल्ला जमकर रन उगल रहा है
- शुभमन गिल गुजरात टाइटंस के कप्तान भी हैं
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में इस समय शुभमन गिल का कद लगातार बढ़ता जा रहा है। वह इसके हकदार भी हैं क्योंकि उनका बल्ला बिना किसी परेशानी के रनों की बारिश कर रहा है। रोहित शर्मा के रिटायरमेंट के बाद उन्हें टेस्ट टीम का कप्तान बनाया गया। एशिया कप के लिए उन्हें टी20 टीम की उप-कप्तानी सौंपी गई। उनकी बल्लेबाजी कई लोगों के लिए परेशानी बनी और इससे परेशान एक क्रिकेटर ने कोच की मदद मांगी थी।
इस गेंदबाज ने खुलासा किया है कि उनके लिए गिल को आउट करना नामुमकिन सा था और वह बड़ी आसानी से उनकी गेंदों पर रन बटोरते थे। गिल के कारण इस गेंदबाज को अपना एक्शन बदलना पड़ा था। आज ये गेंदबाज आईपीएल में गिल की कप्तानी में गुजरात टाइटंस का हिस्सा है।
बचपन से हैं दोस्त
ये गेंदबाज हैं चेन्नई के बाएं हाथ के स्पिनर साई किशोर। साई किशोर ने स्पोर्टस्टार से बात करते हुए गिल की योग्यता के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि गिल की शानदार बल्लेबाजी के कारण किस तरह से उन्हें अपने गेंदबाजी में बदलाव करने पड़े और कोच की मदद लेनी पड़ी।
साई किशोर ने कहा, "शुभमन गिल बेहतरीन खिलाड़ी हैं। मैं उन्हें तब से जानता हूं जब से वह 16 साल के थे। पहली बार हम अंडर-19 में साथ खेले थे। पटियाला में उन्होंने 260 रन बनाए थे। बाद में रणजी ट्रॉफी में भी वह खेले और 270 रन बनाए। ईमानदारी से कहूं तो मुझे गिल को आउट कैसे करना है इस बात को पता करने में चार साल लग गए।"
कोच से मांगी मदद
साई किशोर ने कहा कि वह गिल से काफी मार खा चुके थे और फिर उन्होंने अपने कोच से बात करना का फैसला किया। साई किशोर ने कहा, "मैं अपने कोच राम कुमार के पास गया और कहा कि एक लड़का है जो मुझे चारों तरफ मारता है। मैं क्या कर सकता हूं? मुझे अपनी ट्रेजेक्ट्री बदलनी पड़ी और कुछ नहीं चीजों पर काम करना पड़ा। ये सिर्फ गिल के कारण हुआ। मैंने उन्हें ये कहानी बताई है।"
