Shoaib Akhtar ने किए सनसनीखेज खुलासे, 2002 में ठुकराया कप्तानी का ऑफर, अब ये बनना चाहते हैं
Shoaib Akhtar revelation about captaincy पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने दो बड़े खुलासे किए हैं। अख्तर ने बताया कि 2002 में उन्होंने पाकिस्तान की कप्तानी करने का प्रस्ताव ठुकराया था। अख्तर ने साथ ही बताया कि वो पीसीबी चेयरमैन बनना चाहते हैं।

नई दिल्ली, स्पोर्ट्स डेस्क। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने एक स्थानीय टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में एक के बाद एक सनसनीखेज खुलासे किए हैं। 47 साल के अख्तर ने बताया कि उन्होंने 2002 में पाकिस्तान के कप्तान बनने के ऑफर को ठुकरा दिया था। इसके अलावा अख्तर ने बताया कि वो पीसीबी चेयरमैन बनने की चाहत रखते हैं।
अख्तर ने पीसीबी चेयरमैन बनने के बारे में बात करते हुए कहा, 'मैं पीसीबी चेयरमैन बनना चाहता हूं और पाकिस्तान के लिए सुपरस्टार्स बनाना चाहते हैं। मैं अपने देश के लिए 50 सुपर स्टार्स प्रोड्यूस करना चाहता हूं। इसकी संख्या बढ़कर 100, 200 और 2000 करना चाहता हूं। मैं पाकिस्तान क्रिकेट को काफी मानता हूं और पाकिस्तान क्रिकेट की सेवा करने की ख्वाहिश रखता हूं।'
कप्तानी का ऑफ क्यों ठुकराया
444 अंतरराष्ट्रीय विकेट लेने वाले पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने एक और खुलासा किया कि 2002 में उन्हें पाकिस्तान टीम की कप्तानी करने का मौका मिला था, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। अख्तर ने कप्तानी का ऑफर नहीं स्वीकार करने का कारण बताया।
रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर शोएब अख्तर ने कहा कि वो सभी मैच खेलने के लिए पूरी तरह फिट नहीं थे। अख्तर ने टीम हित को अपने से आगे रखते हुए कप्तानी का ऑफर ठुकरा दिया था। 1997 में वसीम अकरम के नेतृत्व में डेब्यू करने वाले अख्तर ने अपने करियर के दौरान कई पाकिस्तानी कप्तानों के अंतर्गत खेला।
बोर्ड का प्रबंधन सही नहीं
शोएब अख्तर ने कहा, 'मैं सभी मैच खेलने के लिए फिट नहीं था। मैं पांच में से तीन मैच खेल सकता था। मुझे 2002 में कप्तानी का प्रस्ताव मिला था, लेकिन तब अगर मैं सभी मैच खेलता तो बस एक या दो साल और खेल पाता। मैं अपनी टीम साथियों का समर्थक रहा, लेकिन बोर्ड काफी अस्थायी था। पूरे बोर्ड में प्रबंधन सही नहीं था। पाकिस्तान भी उस समय खराब प्रबंधन झेल रहा था।'
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