सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Canara Bank Q4 Results: केनरा बैंक का मार्च तिमाही में जबरदस्त प्रदर्शन, मुनाफा 90 प्रतिशत बढ़ा, NPA भी घटा

By Abhinav ShalyaEdited By: Abhinav Shalya
Published: Mon, 08 May 2023 03:34 PM (IST)

Canara Bank Q4 Results वित्त वर्ष 2022-23 की मार्च तिमाही में बैंक की ब्याज से आय में 23 प्रतिशत का ...और पढ़ें

Canara Bank Q4 Results: Profit Up by 90 percent
Canara Bank Q4 Results: Profit Up by 90 percent

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक की ओर से सोमवार को वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए गए हैं। स्टैंडअलोन आधार पर बैंक का मुनाफा मार्च तिमाही में 3,174.74 करोड़ रुपये हो गया है जो कि पिछले साल समान अवधि में 1,666.22 करोड़ रुपये था।

बैंक की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को बताया गया कि मार्च तिमाही में बैंक के मुनाफा 90.63 प्रतिशत बढ़कर 3,174 करोड़ रुपये हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 2021-22 की मार्च तिमाही में 1,666.22 करोड़ रुपये था।

वहीं, मार्च तिमाही में बैंक ने कंसोलिडेटेड स्तर पर 3,232.84 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है। जो कि इससे पहले के वित्त वर्ष में समान अवधि में 1969 करोड़ रुपये था।

ब्याज से आय 23 प्रतिशत बढ़ी

वित्त वर्ष 2022-23 की मार्च तिमाही में बैंक की ब्याज से आय 23 प्रतिशत बढ़कर 8,616 करोड़ रुपये हो गई है, जो कि पिछले साल समान तिमाही में 7,005.9 करोड़ रुपये हो गई है।

2022-23 में 10 हजार के पार पहुंचा मुनाफा

बैंक ने बताया कि पूरे वित्त वर्ष 2022-23 में बैंक का स्टैंडअलोन मुनाफा 10,603.76 करोड़ रुपये हो गया है, जो कि 2021-22 में 5,678 करोड़ रुपये था।

बैंक का एनपीए भी हुआ कम

केनरा बैंक के एनपीए में भी बड़ी कमी देखने को मिली है। ग्राॉस एनपीए मार्च तिमाही में 5.35 प्रतिशत पर आ गया है, जो कि दिसंबर तिमाही में 5.89 प्रतिशत था। वहीं, नेट एनपीए 1.96 प्रतिशत से गिरकर 1.73 प्रतिशत पर आ गया है।

ब्याज दर बढ़ने और लोन ग्रोथ का असर 

बता दें, पिछले एक साल में आरबीआई ने ब्याज दरों में 2.50 प्रतिशत का इजाफा किया है। इस कारण रेपो रेट 4.00 प्रतिशत से बढ़कर 6.50 प्रतिशत हो गया है। इससे बैंकों के मार्जिन में सुधार आया और तिमाही दर तिमाही बैंक अच्छे नतीजे पेश कर रहे हैं और लोन ग्रोथ भी कई सालों के उच्च स्तर पर बनी हुई है।