40 साल का हुआ सेंसेक्स, 10 हजार को बना दिया 15.7 लाख रुपये; बैंक FD भी इसके आगे फेल
सेंसेक्स ने 1 जनवरी, 1986 को लॉन्च होने के बाद अपने 40 साल पूरे कर लिए हैं। इस दौरान इसने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है, जहां 10,000 रुपये का निवे ...और पढ़ें

40 साल का हुआ सेंसेक्स, 10 हजार को बना दिया 15.7 लाख रुपये; बैंक FD भी इसके आगे फेल
नई दिल्ली। एशिया के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज बीएसई लिमिटेड (Bombay Stock Exchange) यानी सेंसेक्स ने 40 साल का हो गया है। BSE सेंसेक्स 1 जनवरी, 1986 को लॉन्च हुआ था और इसने अपने अस्तित्व के 40 साल पूरे किए।
सेबी चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने शुक्रवार को कहा कि जैसे ही भारत का हार्टबीट इंडेक्स, सेंसेक्स अपने लॉन्च के 40 साल पूरे कर रहा है, इसके पीछे का आइडिया उस समय के हिसाब से दूरदर्शी था, जब इकॉनमी काफी हद तक अंदरूनी मामलों पर फोकस करती थी और मार्केट में हिस्सेदारी लिमिटेड और मैनुअल थी।
सेंसेक्स ने दिया ताबड़तोड़ रिटर्न
1986 की शुरुआत में लगभग 549-570 पॉइंट्स से हाल ही में 86,000 के लेवल तक का छूने वाले सेंसेक्स ने ताबड़तोड़ रिटर्न दिया है। यह 15,594% का एब्सल्यूट रिटर्न इसके 40-साल के परफॉर्मेंस पर हाल की रिपोर्ट्स से मेल खाता है, जो कुल रिटर्न के आधार पर लगभग 15% CAGR के बराबर है (डिविडेंड सहित; कई एनालिसिस में सिर्फ़ प्राइस रिटर्न 13-14% के करीब है)। इसने 10 हजार रुपयो को 15.7 लाख रुपये में बदल दिया। यानी अगर किसी ने आज से ४० साल पहले इसमें 10 हजार रुपये लगाए होते तो आज यह 15.7 लाख रुपये होत। इसने रिटर्न के मामले में सुरक्षित निवेश कहे जाने वाली बैंक एफडी को भी पछाड़ दिया।
सेबी के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने कहा कि पिछले चार दशकों में, "सेंसेक्स एक मजबूत मार्केट इंडिकेटर के तौर पर समय की कसौटी पर खरा उतरा है, जो भारत के आर्थिक बदलाव और हमारे कैपिटल मार्केट की बढ़ती मैच्योरिटी को दिखाता है।"
30 कंपनियों में मिलती है जगह
1986 में लॉन्च किया गया, इसे 30 कंपोनेंट शेयरों की मार्केट-कैप-वेटेड मेथोडोलॉजी का इस्तेमाल करके कैलकुलेट किया गया था, जो प्रमुख सेक्टरों में बड़ी, अच्छी तरह से स्थापित और आर्थिक रूप से मजबूत कंपनियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
सेंसेक्स में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड 30 कंपनियां शामिल हैं, इसलिए इसे अक्सर BSE सेंसेक्स या S&P BSE सेंसेक्स कहा जाता है। सेंसेक्स की ये 30 कंपनियां सबसे बड़ी कंपनियाँ हैं।
1 सितंबर, 2003 से, सेंसेक्स को फ्री-फ्लोट (फ्लोट-एडजस्टेड) मार्केट-कैप मेथोडोलॉजी पर कैलकुलेट किया जा रहा है। फ्री-फ्लोट, मार्केट-कैप-वेटेड मेथोडोलॉजी एक व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली इंडेक्स बनाने की विधि है, जिस पर ज्यादातर ग्लोबल इक्विटी इंडेक्स आधारित हैं।
सेंसेक्स भारत के सबसे ज्यादा ट्रैक किए जाने वाले बेंचमार्क में से एक है, जिसमें 20 से ज्यादा एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) और इंडेक्स फंड 2.5 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति मैनेज करते हैं। इसमें दुनिया के सबसे एक्टिव इंडेक्स ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट में से एक भी शामिल है और पिछले दो सालों से यह सबसे तेजी से बढ़ने वाला इंडेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट है।

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