Crypto Outlook 2026: बिटकॉइन से आगे ऑल्टकॉइन, भारत पर सबकी नजर; क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
Crypto Outlook 2026: 2026 तक डिजिटल एसेट इंडस्ट्री प्रयोग से परिपक्वता की ओर बढ़ रही है, जिसमें संस्थागत निवेश और रेगुलेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे ...और पढ़ें

Crypto Outlook 2026: बिटकॉइन से आगे ऑल्टकॉइन, भारत पर सबकी नजर; क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
नई दिल्ली| 2026 की ओर बढ़ते हुए, डिजिटल एसेट इंडस्ट्री प्रयोग के दौर से निकलकर गहरी वित्तीय एकीकरण और परिपक्वता की ओर बढ़ रही है। इनोवेशन, रेगुलेशन और मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर अब एक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जिससे वैश्विक बाजार की गतिशीलता बदल रही है। 200 से ज्यादा पब्लिक कंपनियों और ETF के पास कुल 25 लाख से अधिक बिटकॉइन होने से संस्थागत हिस्सेदारी बढ़ी है। इससे डिजिटल एसेट्स का वैल्यूएशन पारदर्शिता, उपयोगिता और अनुपालन जैसे बुनियादी पहलुओं पर आधारित हो रहा है। यह बदलाव कम उतार-चढ़ाव और ज्यादा स्थिर एसेट क्लास की ओर इशारा करता है।
दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टो एक्सचेंज बायनेन्स (Binance) के APAC क्षेत्र के हेड एसबी सेकर बताते हैं कि, "डिजिटल एसेट अब जरूरी वित्तीय इंफ्रास्ट्रक्चर बनते जा रहे हैं, जो सेटलमेंट एफिशिएंसी, टोकनाइजेशन और रेगुलेटेड फ्रेमवर्क में स्टेबलकॉइन आधारित ट्रांसफर को संभव बना रहे हैं। Binance में संस्थागत यूजर्स 14% और उनका ट्रेडिंग वॉल्यूम सालाना आधार पर 13% बढ़ा है। 2026 में बिटकॉइन-एथेरियम से आगे चुनिंदा ऑल्टकॉइन में निवेश और सरकारी भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।"
भारत ने 2025 में तीसरी बार चेनालिसिस इंडेक्स में टॉप पर
वो आगे बताते हैं कि, "एपीएसी क्षेत्र में रेगुलेशन अलग-अलग हैं, लेकिन जोखिम प्रबंधन, उपभोक्ता सुरक्षा और जिम्मेदार भागीदारी पर जोर साफ दिखता है। भारत ने 2025 में तीसरी बार चेनालिसिस इंडेक्स में टॉप कर ग्लोबल क्रिप्टो अपनाने में लीडर की स्थिति मजबूत की। टियर-1, 2 और 3 शहरों में तेजी से अपनाव दिखा। दुनिया के 20-30% वेब3 डेवलपर्स भारतीय हैं और 1,200 से ज्यादा वेब3 स्टार्टअप्स हैं। हालांकि, रेगुलेटरी अनिश्चितता के कारण कई बिल्डर्स विदेश जा रहे हैं।"
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200+ कंपनियां 25 लाख से ज्यादा बिटकॉइन होल्ड कर रहीं
2026 की ओर बढ़ते हुए क्रिप्टो और डिजिटल एसेट इंडस्ट्री अब प्रयोग के दौर से निकलकर परिपक्व और स्थिर फाइनेंशियल सिस्टम की ओर बढ़ रही है। एसबी सेकर के मुताबिक, इनोवेशन, रेगुलेशन और मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर अब एक-दूसरे के साथ तालमेल में आ चुके हैं, जिससे बाजार में भरोसा बढ़ रहा है।
संस्थागत निवेश में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। 200 से ज्यादा पब्लिक कंपनियां और ETF मिलकर 25 लाख से अधिक बिटकॉइन होल्ड कर रहे हैं। इससे क्रिप्टो की कीमतें अब सिर्फ सट्टे पर नहीं, बल्कि पारदर्शिता, उपयोगिता और नियमों के पालन जैसे बुनियादी फैक्टर्स पर तय हो रही हैं। इसका असर यह है कि बाजार में उतार-चढ़ाव धीरे-धीरे कम हो रहा है।
Binance के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में उसके प्लेटफॉर्म पर संस्थागत यूजर्स 14% बढ़े, जबकि उनका ट्रेडिंग वॉल्यूम 13% बढ़ा। 2026 में बिटकॉइन और एथेरियम के अलावा चुनिंदा ऑल्टकॉइन में भी संस्थागत निवेश बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही सरकारों और पब्लिक सेक्टर की भागीदारी भी तेज हो सकती है।
भारत ने 2025 में लगातार तीसरी बार चेनालिसिस क्रिप्टो अडॉप्शन इंडेक्स में टॉप कर अपनी मजबूत स्थिति दिखाई। टियर-1 से लेकर टियर-3 शहरों तक क्रिप्टो को लेकर जागरूकता बढ़ी है। दुनिया के 20 से 30 फीसदी वेब3 डेवलपर्स भारतीय हैं और देश में 1,200 से ज्यादा वेब3 स्टार्टअप काम कर रहे हैं। हालांकि, साफ नियम न होने की वजह से कई स्टार्टअप और डेवलपर्स विदेश का रुख कर रहे हैं।
2026 में ऑन-चेन ग्रोथ को मिलेगी नई रफ्तार
वजीर एक्स (WazirX) के फाउंडर निश्चल शेट्टी का कहना है कि 2025 बदलावों भरा साल रहा। DeFi, स्टेबलकॉइन और CBDC पर काम बढ़ा, लेकिन अक्टूबर में आई बाजार गिरावट ने यह भी दिखाया कि बिना मजबूत डिलीवरी के हाइप नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2026 में भारत में CBDC प्रोजेक्ट और VDA को लेकर साफ रेगुलेशन आने से ऑन-चेन ग्रोथ को नई रफ्तार मिलेगी।

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