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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Post Office की इन स्कीम पर नहीं मिलता है TDS का फायदा, जानिए किस योजना में उठा सकते हैं टैक्स बेनिफिट का लाभ

By Priyanka KumariEdited By: Priyanka Kumari
Published: Sun, 04 Jun 2023 05:00 PM (IST)

Post Office Scheme पोस्ट ऑफिस की कई स्कीम में हम निवेश करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई ...और पढ़ें

Post Office Scheme: On which post office scheme tax is not deducted
Post Office Scheme: On which post office scheme tax is not deducted

 नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। पोस्ट ऑफिस में हम बड़े आसानी से पैसे का निवेश कर सकते हैं। लेकिन आपको एक बात का बड़ा ध्यान देना होगा कि पोस्ट ऑफिस की कई स्कीम पर टैक्स बेनिफिट नहीं दिया जाता हैं। यानी कि इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 80सी के तहत कोई टैक्स कटौती उपलब्ध नहीं है।

इसी के साथ आपको एक बात का ध्यान रखना जरूरी है कि टीडीएस (TDS) केवल कुछ लेन-देन से काटा जाता है। टीडीएस तब काटा जाता है जब कोई ट्रांसजेक्शन मूल्य निर्धारित सीमा से ज्यादा हो जाता है। अगर आंकड़े पूर्व निर्धारित स्तर से अधिक नहीं है, तो कोई टीडीएस नहीं काटा जाएगा।

टीडीएस क्या है?

'सोर्स पर टैक्स कटौती' को टीडीएस कहा जाता है। इसे किसी व्यक्ति की इनकम के स्रोत से सीधे टैक्स पेमेंट के लिए बनाया गया था। सरकार टीडीएस का उपयोग टैक्स चोरी को कम करने के लिए करती है। अगर आप भी पोस्ट ऑफिस की किसी स्कीम में निवेश करने का विचार बना पहे हैं तो ऐसे में आपको जरूर जान लेना चाहिए कि किन स्कीमों पर टीडीएस काटा जाता है और किन पर टीडीएस नहीं काटा जाता है।

आइए जानते हैं कि किस योजना में काटा जाएगा और किस स्कीम में आपको टैक्स बेनिफिट मिलेगा?

इंडिया पोस्ट रिक्यूरिंग डिपॉजिट

अगर आपको मिलने वाला इंटरेस्ट आपकी इनकम से ज्यादा है तो बैंक या पोस्ट ऑफिस आपके डिपॉजिट राशि पर मिलने वाले ब्याज से टैक्स काट लिया जाता है। जनरल सिटिजन के लिए इसकी सीमा 40,000 रुपये हैं, वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए टीडीएस कटौती की सीमा 50,000 रुपये है।। अगर आपने जो राशि डिपॉजिट की है वो तय सीमा स्तर से कम होता है तब बैंक या पोस्ट ऑफिस कोई टैक्स नहीं काटाता है।

इंडिया पोस्ट टाइम डिपॉजिट

आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत, 5 साल के टीडी के तहत 1.5 लाख रुपये तक के डिपॉजिट पर टैक्स कटौती की जा सकती हैा। इसका मतलब यह है कि टीडी अकाउंट में एक साल, दो साल या तीन साल की डिपॉजिट पर किसी भी तरह का कोई टैक्स बेनिफिट नहीं मिलेगा।

पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम अकाउंट (MIS)

इस स्कीम में आपके जो ब्याज मिलता है उस पर टैक्स लगाया जाता है। इसमें आयकर अधिनियम1961 की धारा 80 सी के तहत कोई टैक्स कटौती नहीं है। सीनियर सिटिजन के मामले में 40,000 रुपये और 50,000 रुपये से अधिक के ब्याज पर टीडीएस काटा जाएगा।

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS)

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम के तहत डिपॉजिट अमाउंट पर धारा 80सी के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है। लेकिन, 50,000 रुपये से ज्यादा के ब्याज पर टीडीएस काटा जाता है।

महिला सम्मान सेविंग सर्टिफिकेट

महिला सम्मान सेविंग सर्टिफिकेट के तहत सालाना अर्जित ब्याज पर टीडीएस काटा जाता है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए 50,000 रुपये और जनरल सिटिजन के लिए 40,000 रुपये से अधिक पर टैक्स काटा जाता है।

पब्लिक प्रोविडेंड फंड अकाउंट (PPF)

पीपीएफ अकाउंट में सालाना 1.5 लाख रुपये तक के डिपॉजिट पर टैक्स बेनिफिट मिलेगा। धारा 80 सी के इस पर मिलने वाले इंटरेस्ट पर भी टैक्स बेनिफिट दिया जाएगा।

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC)

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट स्कीम में 1.5 लाख रुपये तक के डिपॉजिट पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स बेनिफिट लिया जा सकता है। फिक्सड डिपॉजिट की तरह इस स्कीम पर भी इंटरेस्ट अमाउंट पर टीडीएस लागू नहीं होता है।

किसान विकास पत्र (KVP)

किसान विकास पत्र स्कीम धारा 80C की टैक्स कटौतियों के लिए पात्र नहीं है। यानी कि इस स्कीम में मिल रहे रिटर्न पर पूरी तरह से टैक्स लगाया जाएगा। हालांकि, योजना के मैच्योर होने के बाद की गई विड्रा पर टीडीएस लागू नहीं होती है।