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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ITR Forms: वित्त वर्ष 2023-24 के लिए आईटीआर फॉर्म जारी, जानें हो रहा फायदा या पहले की तरह हैं नियम

By Sonali SinghEdited By: Sonali Singh
Published: Tue, 14 Feb 2023 05:57 PM (GMT+05:30)Updated: Tue, 14 Feb 2023 08:15 PM (GMT+05:30)

ITR Form 2023-24 आयकर विभाग ने इनकम टैक्स रिटर्न के फॉर्म को जारी कर दिया है। इस बार इसे समय ...और पढ़ें

ITR Form Financial Year 2023-24 Released, See Full Details
ITR Form Financial Year 2023-24 Released, See Full Details

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। वित्त मंत्रालय ने साल 2023-24 के लिए आईटीआर फॉर्म (ITR Form) को जारी कर दिया है। जारी नोटिफिकेशन में 10 फरवरी को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने फॉर्म एक से लेकर छह को बनाए रखा है। बता दें कि आकलन वर्ष 2023-24 के लिए आयकर रिटर्न फॉर्म अधिसूचित किए गए हैं।

इन फॉर्म्स के अलावा आईटीआर-वी (सत्यापन फॉर्म) और आईटीआर एकनॉलेजमेंट फॉर्म को अग्रिम रूप से नोटिफाई किया गया है।

क्या होता है इनकम टैक्स रिटर्न

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) एक ऐसा फॉर्म है, जिसका इस्तेमाल  इनकम और टैक्स के बारे में जानकारी देने के लिए किया जाता है। आमतौर पर इसे वित्त वर्ष के शुरू होने पर जारी किया जाता है, लेकिन इस साल इसे समय से पहले लाया गया है। चलिए देखते हैं कि इन फॉर्म्स में कोई बदलाव किया गया है या इन्हें पहले की तरह ही रखा गया है।

ITR-I में आया अपडेट

ITR-I के तहत 50 लाख रुपये तक की आय और सैलरी, एक हाउस प्रॉपर्टी और ब्याज समेत अन्य स्रोत से आय होने पर आईटीआर-1 फॉर्म फाइल करना होता है। अब सीबीडीटी ने धारा 139 (1) के तहत 2.5 लाख रुपये से कम की वार्षिक कर वाली आय पर व्यक्तियों के लिए इसे सरल बनाया गया है। अब ऐसे लोगों को अपने आईटीआर फॉर्म को सूचित करने की जरूरत नहीं है। यह 1 करोड़ रुपये से अधिक के एफडी पर भी लागू रहेगा।

तलाशी और जब्ती के मामलों में सहूलियत

नए मानदंडों के अनुसार, जिन व्यक्तियों पर इनकम टैक्स अधिकारियों द्वारा तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की गई है, वे अब आईटीआर-1 में अपनी अघोषित संपत्ति पर धारा 153C के तहत संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। ये रिटर्न स्व-मूल्यांकन के आधार होगा।

ITR-4 को किया गया सरल

ITR-4 व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों (HUFs) और 50 लाख रुपये तक की कुल आय वाले और व्यवसाय और पेशे से आय वाले फर्मों द्वारा दायर किया जा सकता है। इसे पहले की तरह ही सरल रखा गया है।

ITR 3, 5 और 6 में नहीं हुए बदलाव

ITR-3 पेशेवरों द्वारा दायर किया जाता है, जबकि ITR-5 और ITR-6 LLP और व्यवसायों द्वारा दायर किए जाते हैं। समय से पहले नोटिफाई किये गए इन ITRफॉर्म्स की मदद से ई-फाइलिंग पोर्टल, तृतीय-पक्ष सॉफ़्टवेयर कंपनियों, करदाताओं और कर पेशेवरों सहित सभी हितधारकों को पर्याप्त समय मिलेगा। इस अतिरिक्त समय का उपयोग सॉफ़्टवेयर विक्रेता एक्सेल के जल्दी शुरू करने के लिए कर सकते हैं।

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