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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 27, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कोराना वैक्सीन की 3 खुराक लगवाने वालों को इंश्योरेंस रिन्यू कराने पर मिलेगी छूट? क्या है IRDAI का प्लान

By Siddharth PriyadarshiEdited By: Siddharth Priyadarshi
Published: Tue, 27 Dec 2022 06:32 PM (IST)Updated: Tue, 27 Dec 2022 06:55 PM (IST)

भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने बीमा से संबंधित नियमों में एक बड़े बदलाव का प्रस्ताव किया है। ...और पढ़ें

IRDAI proposes insurers to consider discount on policy renewal for people with 3 doses of COVID vaccine
IRDAI proposes insurers to consider discount on policy renewal for people with 3 doses of COVID vaccine

नई दिल्ली। बिजनेस डेस्क। कई देशों में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि के बीच बीमा नियामक IRDAI ने बीमा कंपनियों से कहा है कि वे उन पॉलिसीधारकों को सामान्य और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के नवीनीकरण पर छूट देने पर विचार करें, जिन्होंने कोविड-19 टीके के तीन शॉट लिए हैं।

इसके साथ ही भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने जीवन और गैर-जीवन बीमा दोनों कंपनियों से जल्द से जल्द COVID से संबंधित दावों को निपटाने और कागजी कार्रवाई को कम करने को कहा है। पिछले हफ्ते COVID-19 के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए एक बैठक के दौरान नियामक ने इस बात पर भी जोर दिया कि बीमाकर्ताओं को अपने वेलनेस नेटवर्क के माध्यम से RT-PCR परीक्षण करवाने पर पॉलिसीधारकों को प्रोत्साहन देना चाहिए।

क्या है IRDAI का प्रस्ताव

IRDAI ने बीमाकर्ताओं से सोशल मीडिया आउटरीच के माध्यम से COVID के अनुरूप व्यवहार को प्रोत्साहित करने के लिए कहा। विदेशी यात्रा बीमा के संबंध में IRDAI ने ऐसी नीतियों को विभिन्न देशों के साथ साझा करने का आग्रह किया। इसके अलावा IRDAI ने कोविड परीक्षण आवश्यकताओं के बारे में जानकारी फैलाने के लिए कहा।

नियामक ने बीमाकर्ताओं से यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया कि COVID-19 के मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने के लिए पैसा जमा करने पर बाध्य न किया जाए। दरअसल, देखने में आया है कि कैशलेस पॉलिसी होने के बावजूद कुछ अस्पतालों ने पहली और दूसरी लहर के दौरान COVID उपचार के लिए पैसे जमा करने की मांग की।

क्या है बीमा नियामक का प्रस्ताव

IRDAI ने कहा कि बीमाकर्ताओं को सबसे खराब स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए और सभी हितधारकों को COVID से संबंधित सहायता के लिए एक वॉर रूम बनाना चाहिए। नियामक ने उद्योग से कहा कि डेटा को एक निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट किया जाना चाहिए, ताकि कोई विसंगति न हो। बीमाकर्ताओं ने नियामक से उपचार प्रोटोकॉल के लिए नियम तय करने को कहा, ताकि धोखाधड़ी के मामलों को कम किया जा सके।

IRDAI ने पिछले सप्ताह जारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा था कि मार्च 2022 तक कोविड के कारण 2.25 लाख से अधिक मृत्यु दावों का निपटान बीमा कंपनियों द्वारा किया गया था। सामान्य बीमाकर्ताओं और स्टैंडअलोन स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं को बड़ी संख्या में COVID उपचार संबंधी दावे प्राप्त हुए। जिन्हें उद्योग ने कुशलता से संभाला और 25,000 करोड़ रुपये के दावों का निपटान किया। रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, कुल 26,54,001 स्वास्थ्य बीमा दावों का निपटान किया गया। बीमा कंपनियों ने महामारी के कारण 2.25 लाख से अधिक मृत्यु दावों का निपटान किया और 31 मार्च, 2022 तक दावों के लिए 17,269 करोड़ रुपये का भुगतान किया।

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