नई दिल्ली, धीरेंद्र कुमार। फीफा व‌र्ल्ड कप के मौसम में हर जगह फुटबाल के वीडियो छाए हुए हैं। इनमें एक-से-एक शानदार गोल दिखाए जाते हैं। कुछ कम वीडियो में गोल बचाने वाले खिलाड़ी भी दिखाए जा रहे हैं। इसका कारण यह है कि फुटबाल का सबसे ज्यादा मजा गोल होने वाले पल में है। गोल बचा लेना, इससे कहीं कम ही देखा जाता है। एक वीडियो में रक्षात्मक खिलाड़ियों ने गोल होने से ठीक पहले, अचंभे में डाल देने वाली कला से गोल बचाए थे। ये बचाव, गोलकीपरों के बचावों से कहीं ज्यादा शानदार लगे, क्योंकि इनमें गोल रोकने के लिए हाथों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता था, इसलिए यह ज्यादा मुश्किल था।

अपनी टीम को गोल से बचाना फुटबाल में उतना ही मायने रखता है, जितना एक गोल स्कोर कर लेना। यही बात ज्यादातर दूसरे खेलों के लिए भी है। क्रिकेट में तो कहावत है, 'एक रन बचाना- एक रन बनाना है' और हां, रन बनने से रोकने की सारी कोशिशें इतिहास के पन्नों में खो जाती हैं। ये किसी स्कोर-लाइन का हिस्सा नहीं होतीं और न ही बाद में किसी को याद रहती हैं। अब बात करते हैं निवेश की। आप एक स्टाक खरीदकर बाद में उसे लाभ पर बेच देते हैं। ये आपके निवेश की कहानी का हिस्सा है। ये रिटर्न हमेशा के लिए आपके निवेश के ट्रैक-रिकॉर्ड का हिस्सा हो जाते हैं और आप इस पर तब भी गर्व करेंगे, जब आप अपना बनाया हुआ पैसा खर्चेंगे। इसे एक शानदार गोल कहा जाएगा।

गलत निवेश में जल्द बहार निकलें

निवेश में गोल बचाना क्या कहलाएगा? इसी की एक मिसाल कुछ इस तरह हो सकती है- आप स्टाक खरीदते हैं। वो थोड़ा ऊपर जाता है। पर आपको पता चलता है कि असल में आपकी चुनी कंपनी अच्छा निवेश नहीं है और उसके बजाए अपने पैसे को कहीं और लगाना बेहतर रहेगा, तो आप अपने शेयर बेच देते हैं। इसके बाद स्टाक फिर गिरने लगते हैं, और काफी गिर जाते हैं। अगर आपने पहले वाली सोच कायम रखी होती, तो आप काफी पैसा गंवा देते। हमारी फुटबाल की कहानी के लिहाज से, ये एक गोल बचाना हुआ। ये आपकी स्कोर-लाइन का हिस्सा तो नहीं है, मगर ये हमेशा रिकार्ड में रहेगा और आपका अपने इस बचाव पर गर्व करना बिल्कुल सही होगा।

अब रक्षात्मक बचाव की बात करते हैं। कोई आपको एक स्टाक का सुझाव देता है। आप इसे खरीदने की सोचते हैं। उस पर कुछ रिसर्च करते हैं और आपको कुछ शक होता है। आप इस सुझाए गए स्टाक का आइडिया छोड़ देते हैं। जल्द ही स्टाक क्रैश हो जाता है। बात बस इतनी सी है कि ये कभी निवेश था ही नहीं, बस आपके मन में एक चाहत थी। हालांकि, खुद को उस निवेश से रोकने की असल कीमत उतनी ही है जितनी किसी अच्छे रिटर्न से पैसा बनाने की। अगर यही बात संक्षेप में कहें, तो इसे कुछ इस तरह कहा जाएगा: जो पैसा आपने नहीं गंवाया है, वो पैसा आपने कमाया है।

टाप परफार्मेंस वाले शेयरों का पीछा करने से बचें

बहुत सारे निवेशक, निवेश के लिए स्टाक चुनते हुए बिल्कुल टाप परफार्मेंस वाले शेयरों के दीवाने होते हैं, और हमेशा के लिए उन्हें रखे रहना चाहते हैं। बदकिस्मती से ऐसा होता नहीं है। ऐसे निवेशकों के साथ होता ये है कि वो निवेश के एक आइडिया से दूसरे आइडिया के बीच फुटबाल बन जाते हैं। आमतौर पर ये लोग पिछले प्रदर्शन का पीछा करते हैं और बीते हुए कल के विजेताओं को खरीदते रहते हैं। हमेशा इसी जुगत में लगे रहते हैं कि वो किसी तरह सबसे अच्छा विजेता चुन लें। कभी-कभार किस्मत से ये हो भी जाता है। निवेश में अहम बात है खतरे को भांपना और समय रहते बचा ले जाना। ठीक वैसे ही जैसे फुटबाल में डिफेंस का कोई खिलाड़ी किसी संभावित गोल को बचा ले जाता है।

(धीरेंद्र कुमार, सीईओ, वैल्यू रिसर्च आनलाइन डाट काम)

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Edited By: Abhinav Shalya

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