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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Silver Price Crash: आसमान से मुंह के बल लुढ़की चांदी, इतनी गिरावट की क्या है वजह? एक्सपर्ट से जानें

Published: Wed, 17 Sep 2025 12:46 PM (GMT+05:30)

आज सुबह से ही चांदी (Silver Price Crash Today) में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। दोपहर 11.55 बजे ही ...और पढ़ें

चांदी में भारी गिरावट क्या है Silver Price Crash का कारण?
चांदी में भारी गिरावट क्या है Silver Price Crash का कारण?

 नई दिल्ली। 17 सितंबर, बुधवार के दिन सुबह से चांदी में नरमी छाई हुई है। सुबह 9 बजे से ही इसमें भारी गिरावट देखी जा रही है। दोपहर 12.07 बजे एमसीएक्स (Mutli Commodity Exchange) में 1 किलो चांदी की कीमत में 127030 रुपये दर्ज की गई है।

इसमें 1790 रुपये प्रति किलो की गिरावट देखी गई है। चांदी ने अब तक 127486 रुपये प्रति किलो का लो रिकॉर्ड और 127660 रुपये प्रति किलो का हाई रिकॉर्ड बनाया है। सोने में भी गिरावट देखी गई है, हालांकि ये इतनी बड़ी नहीं है।

दोपहर 12.14 बजे 24 कैरेट सोने में 638 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। आइए जानते हैं कि आज चांदी में इतनी बड़ी गिरावट का क्या कारण है। हमने इसे लेकर या वेल्थ ग्लोबल के डायरेक्टर अनुज गुप्ता से बात की।

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Silver Price Crash की एक्सपर्ट ने क्या बताई वजह?

या वेल्थ ग्लोबल के डायरेक्टर अनुज गुप्ता ने बताया कि फेडरल रिजर्व की घोषणा से पहले निवेशकों ने चांदी से पैसा निकाला है। आज देर रात अमेरिका का रिजर्व बैंक, फेडरल रिजर्व नए फेड रेट की घोषणा करेगा। उम्मीद की जा रही है कि फेड रेट में इस बार बड़ी कटौती हो सकती है।

फेड रेट के घटने से डॉलर कम होगा और उससे निवेशक सोने-चांदी जैसी सुरक्षित निवेश की ओर भागेंगे। मांग बढ़ने से इनकी कीमत में भी इजाफा होगा।

वहीं कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया कहते हैं कि इस साल की शुरुआत में ही ₹1,30,000 का आंकड़ा पार करने के बाद, चांदी ने पहले ही लगभग 40% लाभ अर्जित कर लिया है, जिससे व्यापारियों को मुनाफा कमाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

ईटीएफ और औद्योगिक उपयोग से चांदी की मांग मजबूत बनी हुई है, वहीं अगर सोना-चांदी अनुपात को देखें तो चांदी आगे भी निरंतर बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से भी देखें को बाजार में चांदी की खरीदारी ज्यादा दिख रही है, इसलिए मौजूदा स्तरों से 10-12% की सुधारात्मक गिरावट आ सकती है।

अब सवाल ये हैं कि गोल्ड में इतना बड़ी गिरावट क्यों नहीं आई?

इस पर अनुज गुप्ता कहते हैं कि बढ़ोतरी के समय भी चांदी, गोल्ड से आगे रहा है। इसलिए अभी ज्यादा गिरावट चांदी में दिखाई दे रही है।