दुबई से ₹20 लाख का सोना भारत लाएं तो कितना फायदा, पुरुष और महिलाओं के लिए क्या हैं नियम? टैक्स-मुनाफे का पूरा गणित
Dubai gold limit for Indian: दुबई से सोना भारत लाने के नियम और फायदे-नुकसान पर यह लेख प्रकाश डालता है। ...और पढ़ें

दुबई से सोना लाने के नियम: जानें कितना फायदेमंद और क्या हैं जोखिम

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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| Dubai Gold vs Indian Gold: दुबई का सोना अपनी शुद्धता के लिए मशहूर है, जो भारत से सस्ता भी मिलता है। ऐसे में कई भारतीयों को लगता है कि दुबई से सोना खरीदकर (bring gold from Dubai to India) भारत में बेचना शानदार कमाई का तरीका हो सकता है। लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स और सराफा बाजार के व्यापारियों की मानें तो यह सौदा उतना रिस्क-फ्री नहीं है, जितना कि दिखता है। अगर आप भी दुबई से सोना लाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो कस्टम ड्यूटी और मुनाफे का पूरा गणित (gold import rules India) जरूर समझ लें।
सबसे बड़ा सवाल: दुबई से कितना सोना ला सकते हैं?
दुबई से सोना लाने के नियम बिल्कुल साफ हैं। सेबी रजिस्टर्ड मार्केट एंड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता बताते हैं कि, "ड्यूटी-फ्री यानी बिना टैक्स वाला सोना लाने की छूट सिर्फ उन भारतीयों को मिलती है, जो एक साल से ज्यादा समय तक विदेश में रहे हैं। इसमें पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग नियम हैं।
- पुरुष: अधिकतम 20 ग्राम गोल्ड ज्वैलरी ला सकते हैं।
- महिलाएं: अधिकतम 40 ग्राम गोल्ड ज्वैलरी ला सकती हैं।
ध्यान रहे, यह छूट सिर्फ गहनों पर है। अगर आप सोने का सिक्का या फिर बिस्किट (gold coin customs duty India) ला रहे हैं, तो पहले ग्राम से ही कस्टम ड्यूटी देनी होगी। हालांकि, पूरी ड्यूटी चुकाकर आप अधिकतम 1 किलोग्राम तक सोना भारत ला सकते हैं।
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क्या दुबई घूमने गए लोगों को भी मिलती है छूट?
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पृथ्वीराज कोठारी (Prithviraj Kothari IBJA) ने बताया कि, "शॉर्ट टूर या छुट्टियों पर दुबई गए यात्रियों को कोई ड्यूटी-फ्री छूट नहीं मिलती। उन्हें एक-एक ग्राम सोना बिल के साथ एयरपोर्ट पर कस्टम में डिक्लेयर करना जरूरी है।
दुबई में भारत से कितना सस्ता है सोना?
एक्सपर्ट्स की मानें तो दुबई में सोने के दाम भारत के मुकाबले 5 से 7% तक कम होते हैं। इसकी वजह यह है कि वहां कच्चे सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी और GST नहीं लगता है। इसके अलावा, VAT रिफंड, इंटरनेशनल प्राइसिंग और कम मेकिंग चार्ज भी खरीदारों को काफी अट्रैक्ट करते हैं।
भारत लाने पर कौन-कौन से चार्ज लगते हैं?
सारा खेल यहीं बदल जाता है। अगर आप तय लिमिट से ज्यादा ज्वैलरी लाते हैं, तो उस पर टियर के हिसाब से 3% से 10% तक कस्टम ड्यूटी लगती है।
- गोल्ड कॉइन या बार लाने पर योग्य यात्रियों को 6.05% ड्यूटी देनी होती है।
- शॉर्ट-टर्म टूरिस्ट्स के लिए यह ड्यूटी 36 से 38.5% तक हो सकती है।
- इसे भारत में बेचने पर 3% GST और करेंसी कन्वर्जन कॉस्ट भी जुड़ती है। साथ ही मुनाफे पर कैपिटल गेन टैक्स भी देना पड़ सकता है।
क्या 20 लाख का सोना बेचना फायदेमंद है?
पृथ्वीराज कोठारी मानते हैं कि टैक्स, ड्यूटी और करेंसी खर्च निकालने के बाद मार्जिन न के बराबर बचता है। वहीं मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि दुबई का 5-7% का प्राइस गैप भारत में 6% ड्यूटी और 3% GST देने में ही खत्म हो जाता है। 20 लाख रुपए जैसा बड़ा अमाउंट लगाने पर कमर्शियल इंपोर्ट के कड़े नियम और लाइसेंस शर्तें भी लागू हो सकती हैं।
दुबई से सोना लाने में सबसे बड़ा जोखिम क्या है?
गोल्ड और डॉलर-रुपए के रेट में बदलाव से मुनाफा पल भर में जीरो हो सकता है। कस्टम डिक्लेरेशन में गड़बड़ी करने या जानकारी छिपाने पर सारा सोना जब्त हो सकता है। साथ ही कस्टम एक्ट, 1962 के तहत भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी संभव है। कुल मिलाकर यह पक्का मुनाफा नहीं, बल्कि एक हाई-रिस्क दांव है।
