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Gold Silver Price Today: 'रिकॉर्ड तोड़ेगा सोना-चांदी!', गिरते बाजार में क्यों बुलिश हैं अजय केडिया? 5 पॉइंट में समझें

Published: Mon, 12 Oct 2026 01:59 PM (IST)Updated: Mon, 12 Oct 2026 03:31 PM (IST)

Gold Price Target Diwali: केडिया एडवाइजरी के निदेशक अजय केडिया (Ajay Kedia) ने सोने और चांदी की कीमतों में मौजूदा ...और पढ़ें

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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| gold price prediction 2026: सोने और चांदी की कीमतों में इन दिनों काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। जनवरी से लेकर अब तक इनकी कीमतों में भारी गिरावट आई है। पिछले 8 महीने में सोना करीब 20% गिर चुका है। चांदी भी करीब 50% तक टूट चुकी है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने की कीमत 1.50 लाख रुपए (gold rate today) प्रति 10 ग्राम हो गई है। जबकि 2.25 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास (silver rate today) बनी हुई है।

ऐसे में घर-घर में सवाल उठने लगे हैं कि क्या अभी सोना और सस्ता होगा? क्या अभी सोना और चांदी खरीदने का सही समय है? दीवाली तक सोना कितना महंगा होगा? जागरण बिजनेस से खास बातचीत के दौरान केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया (Ajay Kedia gold silver prediction) ने ऐसे ही तमाम सवालों के जवाब दिए। साथ ही, दीवाली और साल के अंत तक के टारगेट भी दिए। 5 सवालों में पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश...

सवाल 1: जनवरी से अब तक सोने-चांदी के दाम काफी गिरे हैं। क्या आगे और कोई बड़ी गिरावट आ सकती है या कीमतें फिर से बढ़ेंगी?

जवाब: लोगों को डर लगना स्वाभाविक है कि कहीं मार्केट और न गिर जाए। लेकिन, समझने वाली बात यह है कि पिछले कुछ महीनों में जितनी भी बुरी खबरें आनी थीं, वो आ चुकी हैं। इसके बावजूद अगर सोना-चांदी एक मजबूत स्तर पर टिके हुए हैं, तो इसका मतलब है कि इनकी नींव (फंडामेंटल्स) बहुत मजबूत है।

इसके पीछे दो बड़े कारण हैं। पहला- 'डी-डॉलराइजेशन' यानी दुनिया भर के देश अब अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता कम कर रहे हैं। चीन और पोलैंड जैसे देशों के सेंट्रल बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं। दूसरा बड़ा कारण है कि अब लोग सोने को सिर्फ गहनों के लिए नहीं, बल्कि निवेश (ETF) के तौर पर भी खूब खरीद रहे हैं।

इसलिए, ये जो छोटी-मोटी गिरावट आप देख रहे हैं, ये बस कुछ समय के लिए है। लंबी अवधि में सोने-चांदी का भविष्य बहुत मजबूत है।

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सवाल 2: अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की बात हो रही है, कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़ रही हैं। इसका सोने-चांदी पर क्या असर पड़ेगा?

जवाब: यह बहुत अहम सवाल है। सीधी सी बात है, जब अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो डॉलर मजबूत होता है। डॉलर मजबूत होने का मतलब है सोने पर दबाव आना, यानी सोने के लिए यह एक नेगेटिव खबर होती है। लेकिन, अमेरिका में यह जो डॉलर की मजबूती दिख रही है, वो उनकी अर्थव्यवस्था की ताकत नहीं, बल्कि मजबूरी है। वहां महंगाई काबू में नहीं आ रही है और कच्चे तेल के दाम भी काफी बढ़े हुए हैं।

अभी दिसंबर में अमेरिका में ब्याज दरों में थोड़ी सी बढ़ोतरी (.25%) होने की संभावना जरूर है। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप जैसे नेता भी नहीं चाहते कि ब्याज दरें ज्यादा बढ़ें। अगर आने वाले दिनों में कच्चे तेल के दाम नीचे आते हैं, तो अमेरिका ब्याज दरें बढ़ाने पर रोक लगा सकता है। और जैसे ही ब्याज दरें बढ़ना रुकेंगी, सोने को एक बहुत बड़ा सपोर्ट मिलेगा और कीमतें फिर से ऊपर की तरफ भागेंगी।"

सवाल 3: भारत में त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। दीवाली से लेकर 2027 तक सोने-चांदी के भाव (gold price target diwali) कहां तक जा सकते हैं?

जवाब: सबसे पहले चांदी की बात करें तो, चांदी इस वक्त बाजार में कम है और इसकी मांग बहुत ज्यादा है। आज सोलर पैनल से लेकर सेमीकंडक्टर तक, हर जगह चांदी इस्तेमाल हो रही है। अगले साल तक चांदी आराम से अपने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ सकती है। रही बात सोने की, तो दुनिया भर के बैंक इसे खरीद रहे हैं। हमारे घरेलू बाजार में रुपए की कमजोरी भी सोने-चांदी को सपोर्ट करेगी।

अगर हम अगले साल (2027 के नजरिए से) की बात करें, तो सोना 1 लाख 80 हजार से लेकर 2 लाख रुपए के बीच देखने को मिल सकता है। वहीं, चांदी साढ़े तीन से चार लाख रुपए (3.30 लाख से 4 लाख रुपए प्रति किलोग्राम) तक पहुंच सकती है। इसलिए, इस अस्थायी गिरावट से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि धीरे-धीरे खरीदारी करते रहना चाहिए।"

सवाल 4: शादियों का सीजन भी आने वाला है। क्या आम आदमी को अभी खरीदारी कर लेनी चाहिए या दाम और गिरने का इंतजार करना चाहिए?

जवाब: जब भी आप सोना खरीदें, तो सबसे पहले खुद से पूछें कि आप यह क्यों खरीद रहे हैं? अगर आप सिर्फ पैसा कमाने के लिए खरीद रहे हैं, तो आप डिजिटल गोल्ड या ETF ले सकते हैं और 2-4 हजार रुपए दाम गिरने का इंतजार कर सकते हैं।

लेकिन, अगर आपके घर में शादी है और आपको गहने बनवाने हैं, तो 4-5 हजार रुपए के महंगे या सस्ते होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। भारत में हम सोना बेचने के लिए नहीं, बल्कि पहनने और संजोने के लिए खरीदते हैं। 5-10 साल बाद जब आप देखेंगे, तो आज का यह भाव आपको बहुत सस्ता लगेगा। इसलिए अगर घर में शादी है, तो इंतजार मत कीजिए, तुरंत खरीद लीजिए। हां, अगर आपका बजट थोड़ा टाइट है, तो एक साथ पूरा सोना खरीदने के बजाय इसे टुकड़ों में खरीदें। जैसे अगर 100 ग्राम लेना है, तो 50 ग्राम अभी ले लें और बाकी का 25-25 ग्राम कुछ हफ्तों बाद लें। इससे आपको तसल्ली रहेगी।"

सवाल 5: अगर कोई निवेश करना चाहे, तो उसे सोने और चांदी में से किसे चुनना चाहिए? दोनों का अनुपात (gold vs silver Ratio) क्या होना चाहिए?

जवाब: आपको समझना होगा कि सोना सिर्फ एक कीमती धातु है, लेकिन चांदी कीमती होने के साथ-साथ एक 'इंडस्ट्रियल मेटल' (उद्योगों में काम आने वाली धातु) भी है। आज के समय में इलेक्ट्रिक गाड़ियां (EV), सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक सामानों में चांदी का बहुत ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है।

इसे समझने का सबसे आसान तरीका 'गोल्ड-सिल्वर रेश्यो' है। जब आप सोने के भाव को चांदी के भाव से भाग (Divide) देते हैं, तो यह रेश्यो निकलता है। जब यह रेश्यो 90 के ऊपर हो, तो सोना मजबूत होता है। लेकिन जब यह रेश्यो गिरने लगे (जैसे अभी यह 68 के करीब है), तो इसका मतलब है कि चांदी सोने के मुकाबले ज्यादा अच्छी कमाई करा कर दे रही है।"

इसलिए मेरा साफ मानना है कि आपको चांदी में ज्यादा निवेश करना चाहिए। आपके कुल निवेश का 70 से 75 प्रतिशत हिस्सा चांदी में होना चाहिए, और बाकी 25 से 30 प्रतिशत हिस्सा आप सोने में लगा सकते हैं। चांदी का भविष्य इस वक्त बहुत ही शानदार नजर आ रहा है।

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