नई दिल्ली। देश के प्रॉपर्टी बाजार की हालत अब नये दौर पर प्रवेश कर रही है। मांग घट रही है, बिक्री कम हो रही है, कीमतों में सुधार आ रहा है और आरबीआई ने पहले से ज्यादा सख्ती कर दी है। बाजार विशेषज्ञों की राय दो दिशाओं में चल रही हैं। एक ओर कहा जा रहा है कि आरबीआई के नये सर्कुलर से घर खरीदने वालों को फायदा पहुंचने की बात कही जा रही है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि बाजार और नाजुक हो चला है। पहले ही पैसों की तंगी से जूझ रहे डेवलपर्स को अब आरबीआई की सख्ती भी झेलनी पड़ रही है।

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80:20 जैसी स्कीम पर कुछ डेवलपर्स को ऐतराज है और कर्ज देने में सख्ती का फरमान सेंट्रल बैंक ने दे दिया है, तो दूसरी तरफ बाजार से डिफॉल्ट की खबरें भी आ रही हैं। आरबीआई के नये नियम के मुताबिक, बैंक अब कंस्ट्रक्शन की प्रोग्रेस के हिसाब से कर्ज की राशि जारी करेंगे। इसके अलावा, बिल्डर्स को तब तक ईएमआई का भुगतान देना पड़ेगा जब तक वह खरीदार को पोजेशन नहीं देते। इससे बैंकों की ओर बिल्डर्स पर कंस्ट्रक्शन को समय पर पुरा करने के लिए दबाव बनाया जाएगा। वैसे अधिकांश बिल्डर्स ने इसका स्वागत किया है लेकिन कुछ बिल्डर्स का कहना है कि इससे हमें नुकसान उठाना पड़ेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका प्रभाव बिक्री पर कुछ समय के लिए ही दिखाई देखा।

गौरतलब है कि प्रॉपर्टी की मांग में भारी गिरावट आई है। एक रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, पिछली तिमाही के मुकाबले मुंबई में प्रॉपर्टी की बिक्री 12 फीसदी घटी है। दिल्ली-एनसीआर में बिक्री 13 फीसदी, पुणे में 15 फीसदी गिरी है। हालांकि, बेंगलुरु में बिक्री में 25 फीसदी इजाफा हुआ है। प्रॉपर्टी के दाम भी गिर रहे हैं। पिछली तिमाही के मुकाबले इंदौर में प्रॉपर्टी 6 फीसदी सस्ती हुई है। हैदराबाद में 5 फीसदी, कोलकाता में 4 फीसदी, अहमदाबाद में 3 फीसदी और चेन्नई में 2.5 फीसदी दाम घटे हैं।

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