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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Success Story: बचपन में हुआ पोलियो, फोटोकॉपी से शुरुआत, विशाल मेगामार्ट बेचना पड़ा; फिर खड़ा किया V2 Retail

Published: Fri, 03 Oct 2025 12:59 PM (IST)

वी टू रिटेल आज देशभर में फेमस है। यहां आपको कपड़े साबुन जूते बर्तन खिलौने से लेकर हर वो चीज ...और पढ़ें

फोटोकॉपी शॉप से रिटेल साम्राज्य तक राम चंद्र अग्रवाल की प्रेरणादायक कहानी।
फोटोकॉपी शॉप से रिटेल साम्राज्य तक राम चंद्र अग्रवाल की प्रेरणादायक कहानी।

नई दिल्ली। वी टू रिटेल आज देशभर में फेमस है। यहां आपको कपड़े, साबुन, जूते, बर्तन, खिलौने से लेकर हर वो चीज मिल जाती है, जो आम आदमी की जरूरत है। ये इसलिए भी ग्राहकों द्वारा पसंद किया जाता है, क्योंकि एक ही दुकान में आपको अपने जरूरत की हर चीज मिल जाती है। वी टू रिटेल (V2 Retail) के शेयर ने आज ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड बनाया है।लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि इसके पीछे का मास्टरमाइंड कौन है? 

राम चंद्र अग्रवाल (Ram Chandra Aggarwal Success Story) केवल बिजनेसमैन नहीं है, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा हैं, जो कुछ बड़ा करने का ख्वाब देखते हैं। उन्होंने वी टू रिटेल के अलावा विशाल मेगा मार्ट की भी शुरुआत की थी। 

शायद ही कभी किसी ने सोचा हो कि फोटोकॉपी शॉप चलाने वाला लड़का कभी करोड़ों की कंपनी का मालिक बनेगा। आइए जानते हैं कि उन्होंने कैसे वी टू रिटेल की शुरुआत की।

कैसे हुई Vishal Mega Mart की शुरुआत?

बचपन में पोलियो होने के कारण वे जिंदगी भर के लिए दिव्यांग हो गए। दिव्यांग होने की वजह बचपन से ही उन्हें कई परेशानियों से जूझना पड़ा। ग्रेजुएशन पूरी होने के बाद उन्हें चार पैसे कमाने के लिए फोटोकॉपी शॉप की शुरुआत करनी पड़ी। क्योंकि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति उस समय इतनी अच्छी नहीं थी।

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फोटोकॉपी शॉप में उन्होंने एक साल काम किया, जिसके बाद उन्होंने कोलकाता में 15 साल के कपड़ों की दुकान खोली। इस दुकान के जरिए उन्हें ग्राहकों के व्यवहार और व्यापार के बारे में काफी कुछ जानने को मिला। इसके बाद उन्होंने साल 2001 में विशाल रिटेल की शुरुआत की। उन्होंने अपना ये बिजनेस दिल्ली में शुरू किया। जब उनका ये बिजनेस लोगों के बीच मशहूर होने लगा, तब उन्होंने इसका नाम विशाल रिटेल से विशाल मेगा मार्ट रख दिया।

उन्होंने अपने शॉप की और ब्रांच खोलने के लिए बैंकों से भारी लोन भी लिया।

क्यों बेचना पड़ा बिजनेस?

साल 2008 में स्टॉक मार्केट में भारी गिरावट आई। इससे विशाल मेगा मार्ट को 750 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। कंपनी दिवालिया के लगभग करीब आ गई थी। इस समय राम चंद्र ने कंपनी को बेचने का निर्णय लिया। उन्होंने श्रीराम ग्रुप (Shri Ram Group) और टीपीजी कैपिटल (TPG Capital) को विशाल ब्रांड 70 करोड़ रुपये में बेच दिया। लेकिन उनका ये सफर यहीं खत्म नहीं हुआ।

वी टू रिटेल कैसे बना?

अग्रवाल ने वी टू रिटेल का पहला स्टोर में जमशेदपुर में शुरू किया था। साल 2013 में उनके इस स्टोर ने 100 करोड़ से ज्यादा कमाया था। रिटेल बिजनेस में राम चंद्र के इस कमबैक ने सभी को हैरान कर दिया। साल 2014 में उनके बिजनेस ने 225 करोड़ रुपये का टर्नओवर क्रॉस कर दिया था।

साल 2024 में वी टू रिटेल के भारत में 150 से ज्यादा स्टोर मौजूद है। आज राम चंद्र अग्रवाल की नेटवर्थ 5600 करोड़ से ज्यादा है। 

उनके इस बिजनेस में उनकी पत्नी उमा अग्रवाल डायरेक्टर के रूप में काम करती है। वहीं उनका बेटा आकाश भी यहां डायरेक्टर के रूप में काम करता है।

V2 Retail ने बनाया ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड

राम चंद्र की कंपनी वी टू रिटेल के शेयर ने आज 2,348.90 रुपये प्रति शेयर पहुंचकर ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड बनाया है। दोपहर 12.41 बजे अभी एनएसई पर इसके एक शेयर की कीमत 2200 रुपये से ज्यादा दर्ज की गई है। इसके शेयर में आज 76.60 रुपये की बढ़ोतरी है, जो 3.53 फीसदी है।