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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Vegetable Price Hike: पहले गर्मी और अब बारिश की मार से बढ़ गए सब्जियों के भाव, आगे भी नरमी के नहीं हैं कोई आसार

Published: Tue, 09 Jul 2024 02:14 PM (IST)

देश में हरी सब्जियों के दाम के साथ आलू-प्याज की कीमतों में तेजी आई। अब इनके साथ टमाटर भी महंगा ...और पढ़ें

Vegetable Price Hike: सब्जियों के दाम में गिरावट की नहीं कोई उम्मीद
Vegetable Price Hike: सब्जियों के दाम में गिरावट की नहीं कोई उम्मीद

HighLights

  1. भारी बारिश की वजह से सब्जियों के दाम बढ़ गए।
  2. हीटवेव की वजह से पहले फसल खराब हुई थी।
  3. किसान सरकारी सहायता के लिए गुहार लगा रहे हैं।

एएनआई, नई दिल्ली। उत्तरी भारत में जिसमें उत्तर प्रदेश , दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा शामिल हैं, यहांटमाटर की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। इनकी कीमतों में फिलहाल कोई नरमी की उम्मीद नहीं है। दअसल, किसानों का कहना है कि मुराबादाब रीजन में भारी बारिश की वजह से टमाटर की फसस खराब हो गई है।

मुराबादाब रीजन में टमाटर का प्रोडक्शन भारी मात्रा में होता है। यहां से टमाटर उत्तर-प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में सप्लाई होता है। अब भारी बारिश की वजह से टमाटर के फसल खराब हो गए जिसकी वजह से सही मात्रा में टमाटर की सप्लाई नहीं हो रही है।

किसानों ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि खेत में बारिश का पानी जमा हो गया है। ऐसे में खेत टमाटर के फसल खेत में ही सड़ गए हैं और पूरी फसल खराब हो गई है। ऐसे में किसान दूसरे फसलों की उपज के लिए टमाटर के पौधे को उखाड़ रहे हैं।

टमाटर किसान पप्पू हसन ने एएनआई से कहा

अब बारिश की वजह से हमारे फसल खराब हो रहे हैं। इससे पहले हीटवेव की वजह से हमारी पूरी फसल खराब हो गई थी। लगातार फसल खराब होने की वजह से किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में किसान चाहते हैं कि सरकार उन्हें कुछ राहत दें।

सरकार से राहत की उम्मीद

वर्तमान में मानसून की वजह से फसल खराब हो रहे हैं। इससे पहले भारी गर्मी की वजह से टमाटर की फसल खराब हो गई थी। हीटवेव की वजह से टमाटर की फसलें झुलस गई थी, अब बारिश की वजह से फसल सड़ रही है।

टमाटर किसानों का कहना है कि उन्हें पहले भी टमाटर की अच्छी कीमत नहीं मिली थी। अब भारी बारिश के बाद उन्हें लाभ की कोई उम्मीद नहीं है। ऐसे में किसान सरकारी सहायता की गुहार लगा रहे हैं।

टमाटर के प्रोडक्शन में आई कमी का असर किसानों के साथ सब्जी विक्रेता पर पड़ा है। राजस्थान के अजमेर शहर के सब्जी विक्रेता ने कहा कि मानसून सीजन में सब्जियों की कीमतों में तेजी आ गई। सब्जियों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होने की वजह से सब्जी विक्रेता को भी परेशानी हो रही है।

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अजमेर के सब्जी विक्रेता तारा सिंह ने कहा कि

सब्जी मार्केट में अभी सब चीज महंगी है। टमाटर के साथ मिर्च के दाम बढ़ गए हैं। इनकी कीमतों में आई तेजी की मुख्य वजह हीटवेव है। पहले गर्मी ने और अब बारिश की वजह से सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। टमाटर जैसे सब्जियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।महंगी सब्जियों की वजह से ग्राहक काफी परेशान है। थोड़ी सी सब्जियों के खरीदने के बाद बिल 500 रुपये से 600 रुपये तक हो जाता है।

इतनी महंगी हुई सब्जी

जुलाई में हुई बारिश के बाद हरी सब्जियों के साथ आलू-प्याज और टमाटर की कीमतों में शानदार उछाल आया।

  • जून में जहां टमाटर 40 रुपये से 50 रुपये प्रति किलो बिक रहा था वह जुलाई में 75 रुपये से 80 रुपये प्रति किलो हो गया है।
  • इसी तरह आलू भी 25 रुपये से 30 रुपये प्रति किलोग्राम था जो अब 40 रुपये से 45 रुपये हो गया है।
  • प्याज भी कुछ समय पहले तक 25 रुपये से 30 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा था, जो अब 40 रुपये से 45 रुपये प्रति किलो हो गया है।

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अजमेर के सब्जी विक्रेता नारायण लाल ने कहा कि

बारिश की वजह से हमारी कमाई में कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही है। सब्जियों के फसल खराब हो रहे हैं जिसकी वजह से उनके दाम बढ़ रहे हैं।