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भारत में 6750 पेट्रोल पंप चलाने वाली Nayara Energy को बड़ा झटका, ब्रिटेन ने लगाया प्रतिबंध; क्या है पूरा मामला?

By National bureauEdited By: Ankit Kumar Katiyar
Published: Wed, 15 Oct 2025 10:30 PM (IST)

ब्रिटेन ने रूस के तेल कारोबार को निशाना बनाते हुए कई तेल कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं, जिनमें भारत ...और पढ़ें

ब्रिटेन से पहले सऊदी अरब और ईराक ने नायरा एनर्जी को तेल बेचना बंद कर दिया है।

ब्रिटेन से पहले सऊदी अरब और ईराक ने नायरा एनर्जी को तेल बेचना बंद कर दिया है।

HighLights

  1. ब्रिटेन ने नायरा एनर्जी पर लगाया प्रतिबंध

  2. रूस से तेल आयात का आरोप

  3. कंपनी ने प्रतिबंधों को बताया बेबुनियाद

नई दिल्ली| रूस के तेल कारोबार को निशाना बनाने के उद्देश्य से ब्रिटेन ने बुधवार को कई तेल कंपनियों पर 90 नए प्रतिबंध लगाए हैं। जिन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं उनमें भारत में स्थित तेल कंपनी नायरा एनर्जी लिमिटेड (nayara energy limited) भी शामिल है। गुजरात में स्थित इस कंपनी में रूस की भी हिस्सेदारी है। इस कंपनी ने 2024 में रूस से पांच अरब डॉलर मूल्य का कच्चा तेल आयात किया और उसका शोधन कर उसे भारतीय बाजार व विदेश में बेचा।

ब्रिटिश विदेश मंत्रालय ने क्या कहा ?

ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि, "इन प्रतिबंधों से यूक्रेन युद्ध के लिए रूस को धन मिलने में बाधा आएगी।" ताजा प्रतिबंधों से रूस का तेल से मिलने वाला राजस्व कम होगा। ब्रिटेन के प्रतिबंधों के दायरे में चीन के चार ऑयल टर्मिनल, रूस से तेल की आपूर्ति करने वाले 44 टैंकर और भारतीय कंपनी नायरा एनर्जी लिमिटेड आए हैं।

नायरा एनर्जी ने क्या दिया जवाब ?

नायरा ने 2024 में रूस से पांच अरब डॉलर मूल्य का 10 करोड़ बैरल कच्चा तेल आयात किया था। इससे पहले यूरोपीय संघ (ईयू) ने भी नायरा एनर्जी लिमिटेड पर प्रतिबंध लगाया था। जबकि कंपनी ने कहा है कि वह सभी भारतीय नियमों और कानूनों का पालन करते हुए अपनी गतिविधियों को संचालित कर रही है।

यह भी पढ़ें- भारत में 6,750 पेट्रोल पंप चलाती है रूस की ये कंपनी, अब देश में करेगी 70 हजार करोड़ रुपए का निवेश

नायरा भारत की ऊर्जा सुरक्षा के उद्देश्य को पूरा करने में पूरी तरह से सहयोग दे रही है। कंपनी ने कहा है कि राजनीतिक कारणों से उस पर जो प्रतिबंध लगाए गए हैं-वे बेबुनियाद हैं और उनका कोई कानूनी आधार नहीं है। उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन के ताजा प्रतिबंधों से रूस की बड़ी तेल कंपनी रोजनेफ्ट और ल्यूकआयल की गतिविधियां प्रभावित होंगी। ये दोनों कंपनियां प्रतिदिन 31 लाख बैरल कच्चे तेल का निर्यात करती हैं।

सऊदी अरब और ईराक ने बंद किया तेल बेचना

इससे पहले सऊदी अरब की अरामको (Aramco) और इराक की सरकारी ऑयल कंपनी सोमो (SOMO) नायरा को क्रूड ऑयल बेचना बंद कर चुकी हैं। इसकी वजह है यूरोपियन यूनियन (EU) की जुलाई में लगी पाबंदियां, जो नायरा पर रूस से जुड़े होने के कारण लगाई गई थीं। बता दें कि नायरा एनर्जी भारत में करीब 6750 पेट्रोल पंप ऑपरेट करती है, जिसकी देश में हिस्सेदारी 7 से 8 फीसदी है।