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    क्रेडिट न मिलने से ट्रंप का ईगो हर्ट, टैरिफ का रूसी तेल से लेना-देना नहीं; अमेरिकी रिसर्च फर्म की रिपोर्ट

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 01:14 PM (IST)

    Trump Tariff जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत पर लगाया गया 50 फीसदी का टैरिफ ट्रंप की व्यक्तिगत नाराजगी का परिणाम है। वह भारत द्वारा क्रेडिट न पाने से नाखुश थे। इसका गुस्सा उन्होंने टैरिफ लगाकर निकाला है। भारत पर लगाए गए टैरिफ से रूसी तेल का कोई लेना-देना नहीं है।

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    ब्रोकरेज फर्म ने खोली ट्रंप की पोल, कहा- भारत ने नहीं दिया क्रेडिट तो लगाया टैरिफ

    नई दिल्ली। अमेरिकी की ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने भारत पर लगाए गए ट्रंप टैरिफ (Trump Tariffs) को लेकर एक रिपोर्ट जारी की। उसने कहा कि ट्रंप को भारत ने मध्यस्था का क्रेडिट नहीं दिया, जिसके चलते उनका ईगो हर्ट हो गया और उन्होंने भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया। इससे रूस तेल का कोई-लेना देना नहीं है। 

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    जेफरीज की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 50 प्रतिशत के भारी शुल्क मुख्यतः राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यक्तिगत नाराजगी का परिणाम हैं। क्योंकि उन्हें भारत-पाकिस्तान संघर्ष (India Vs Pakistan Conflict) में मध्यस्थता करने की अनुमति नहीं दी गई थी।

    ट्रंप लेना चाहते थे क्रेडिट

    Jefferies ने रिपोर्ट में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कथित तौर पर मई में दोनों देशों के बीच चार दिवसीय सैन्य संघर्ष के बाद हस्तक्षेप करने की उम्मीद की थी। लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। 

    रिपोर्ट में कहा गया है कि Tariff मुख्य रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति की "व्यक्तिगत नाराजगी" का परिणाम हैं। क्योंकि उन्हें भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चली आ रही कटुता को समाप्त करने में भूमिका निभाने की अनुमति नहीं दी गई।

    वो कारण जिसके चलते ट्रंप ने भारत पर लगाया टैरिफ

    अमेरिकी की ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत पर लागए गए भारी टैरिफ कई घटनाओं से जुड़े हुए हैं। ट्रंप रूस-यूक्रेन के युद्ध को अपने वादे के अनुसार समाप्त नहीं करा पाए और भारत लगातार रूस से तेल खरीद रहा है।

    इन सबके बीच भारत-पाक के बीच हुए संघर्ष की मध्यस्था का क्रेडिट ट्रंप लेना चाहते हैं लेकिन इंडिया ने साफ इंकार किया कि किसी तीसरे देश की वजह से मध्यस्था नहीं हुई है। इन सभी कारणों से अमेरिकी राष्ट्रपति का व्यक्तिगत ईगो हर्ट हुआ और इसका परिणाम यह हुआ कि उन्होंने भारतीय सामानों पर 50 फीसदी का टैरिफ लगा दिया। 

    भारत का बाजार चाहते हैं ट्रंप- जेफरी

    जेफरी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अमेरिका चाहता है कि भारत उसके लिए अपना कृषि बाजार खोले। लेकिन वर्तमान सरकार समेत कोई भी भारतीय सरकार कृषि क्षेत्र को आयात के लिए खोलने को तैयार नहीं है क्योंकि इससे लाखों लोगों पर गंभीर असर पड़ेगा।

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    ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत में लगभग 25 करोड़ किसान और संबंधित मजदूर अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं, और यह क्षेत्र भारत के कार्यबल का लगभग 40 प्रतिशत है।

    रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि मूल कारण पाकिस्तान मुद्दे में ट्रंप के व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अनुमति देने से भारत का इनकार है।

    अमेरिका के हित में सही नहीं ट्रंप का टैरिफ

    जेफरी ने चेतावनी दी कि ऐसे निर्णय अमेरिका के राष्ट्रीय हितों के अनुरूप नहीं हैं। रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि भारत को दूर धकेलने से वह चीन के और करीब आ जाएगा। रिपोर्ट में 5 साल से अधिक समय के बाद सितंबर की शुरुआत में दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू होने का भी हवाला दिया गया है। 

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