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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

TPF Meet: अमेरिका का बिजनेस वीजा मिलने में लगेगा कम समय, यहां जानें पूरी डिटेल

By Agency Edited By: Ankita Pandey
Published: Sat, 13 Jan 2024 05:03 PM (IST)

शुक्रवार को 14वीं टीपीएफ बैठक के दौरान चर्चा में अमेरिका के लिए समय पर वीजा पाने में आ रही समस्याओं ...और पढ़ें

भारत ने घरेलू व्यवसायों के लिए अमेरिकी वीजा प्रक्रिया में देरी को दिखाई हरी झंडी
भारत ने घरेलू व्यवसायों के लिए अमेरिकी वीजा प्रक्रिया में देरी को दिखाई हरी झंडी

पीटीआई, नई दिल्ली। शनिवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि भारत ने व्यापार नीति फोरम (TPF) की बैठक में घरेलू व्यवसायों को अमेरिका के लिए समय पर वीजा पाने में आ रही समस्याओं के बारे में अपनी चिंताओं को उजागर किया है। अमेरिका से इस प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया है।

यह मुद्दा शुक्रवार को यहां 14वीं टीपीएफ बैठक के दौरान चर्चा में आया। इसकी सह-अध्यक्षता अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कैथरीन ताई और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने की।

आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा

वाणिज्य मंत्रालय ने बताया है कि कि दोनों मंत्रियों ने कहा कि देशों के बीच पेशेवर और कुशल श्रमिकों, छात्रों, निवेशकों और व्यापारिक आगंतुकों की आवाजाही द्विपक्षीय आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को बढ़ाने में काफी योगदान देती है।

बयान में कहा गया कि मंत्री गोयल ने वीजा प्रोसेसिंग समय अवधि के कारण भारत से व्यापार आगंतुकों के सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला और अमेरिका से प्रसंस्करण बढ़ाने का अनुरोध किया।

मंत्रियों ने देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने में पेशेवर सेवाओं की भूमिका को भी स्वीकार किया और कहा कि पेशेवर योग्यता और अनुभव की मान्यता से संबंधित मुद्दे सेवा व्यापार को सुविधाजनक बना सकते हैं।

इसमें कहा गया है कि दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने के लिए एक तंत्र स्थापित करने पर सहमत हुए हैं।

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झींगा के निर्यात पर प्रतिबंध हटाने की मांग

बैठक में भारतीय पक्ष ने जंगली पकड़े गए झींगा के निर्यात पर प्रतिबंध हटाने की भी मांग की क्योंकि इस प्रतिबंध से भारतीय मछुआरों और निर्यात पर असर पड़ रहा है। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि मंत्रियों ने गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने के लिए एक संयुक्त सुविधा तंत्र (जेएफएम) स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की।

इसके तहत, देश अंतर्राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं से पारस्परिक रूप से मान्यता प्राप्त परिणामों पर गौर करेंगे और जब भी संभव हो द्विपक्षीय आधार पर पारस्परिक मान्यता व्यवस्था स्थापित करेंगे। इससे डुप्लिकेट परीक्षण आवश्यकताओं को खत्म कर दिया जाएगा और उच्च गुणवत्ता वाले सामानों के व्यापार के लिए अनुपालन लागत कम हो जाएगी।

बयान में यह भी कहा गया कि दोनों पक्षों ने इस बात पर चर्चा की कि भविष्य में सामाजिक सुरक्षा समग्रीकरण समझौते के लिए प्रतिबद्धता को कैसे तेज किया जाए। यह समझौता टीपीएफ में भारतीय पक्ष की प्रमुख मांगों में से एक है, जो देशों के बीच सेवा व्यापार को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा और उन भारतीय आईटी पेशेवरों की मदद करेगा जो अस्थायी रूप से अमेरिका में काम करते हैं।

इसके अलावा, मंत्री महत्वपूर्ण खनिजों, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, आपूर्ति श्रृंखला और उच्च तकनीक उत्पादों में व्यापार सहित क्षेत्रों में भविष्य की संयुक्त पहल शुरू करने पर सहमत हुए। इसमें कहा गया है कि दोनों देश आर्थिक रूप से सार्थक परिणाम प्राप्त करने के लिए सहयोग बढ़ाने के लिए एक महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी रोडमैप विकसित करेंगे।

भारत ने महामारी-पूर्व स्तर तक पहुंचने के लिए भारत में अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) द्वारा निरीक्षणों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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