नई दिल्ली, अंकित कुमार। अगर आप रेंट के घर में रहते हैं तो आपको कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सबसे पहले तो आप बार-बार की शिफ्टिंग से परेशान हो जाते हैं। कोई नया सामान खरीदने से पहले दस बार यह सोचते हैं कि घर शिफ्ट करते वक्‍त उसे दूसरी जगह ले जाने में दिक्कत तो नहीं होगी। यकीन मानिए हर बार आपको लगता है, काश! छोटा ही सही, अपना घर होता तो इन झंझटों से मुक्ति मिल जाती। सच्चाई भी यही है कि हर कोई अपने सपनों का आशियाना खरीदना चाहता है। लेकिन बहुत से लोगों को यह नहीं मालूम कि वह अपना मकान कैसे खरीद सकते हैं और खरीदते समय उन्हें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

अपना मकान खरीदने के लिए बजट, लोकेशन, मकान का साइज, इंटीरियर, ऑफिस से दूरी, एरिया के विकास की संभावनाओं जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखना होता है। आइए जानते हैं देश के टॉप बिल्डरों में शुमार गौड़सन के मनोज गौड़ और रियल एस्टेट एक्सपर्ट प्रदीप मिश्रा की राय में अपना मकान खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए-

सबसे पहले तय करें बजट

आप किसी से भी पूछकर देख लीजिए कि मुझे एक मकान खरीदना है, कैसा और कहां खरीदूं। वह जवाब देने की बजाय आपसे पूछेगा-आपका बजट क्या है? रियल एस्टेट मामलों के विशेषज्ञ प्रदीप मिश्रा ने भी सबसे पहले इसी विषय पर गौर करने को कहा। उन्होंने कहा कि मकान खरीदने के लिए सबसे जरूरी है अपना बजट तय करना। बाकी चीजें इसके बाद ही आती हैं। अगर आप ग्रेटर कैलाश में तीन कमरों का एक फ्लैट खरीदना चाहते हैं और आपका बजट है 50 लाख रुपये तो ऐसा मुमकिन नहीं हो सकेगा। इसलिए अपने पॉकेट को टटोलने के बाद ही आप घर के साइज, लोकेशन और अन्य चीजों के बारे में तय करें।

इन चीजों को ध्यान में रखकर तय करें बजट

मिश्रा के मुताबिक आप अगर हर महीने 50 हजार रुपये कमाते हैं तो बैंक से आपको 30 लाख रुपये तक का लोन बड़ी आसानी से मिल सकता है। इसके बाद अगर आपके पास पांच लाख रुपये तक की सेविंग है तो आप 30-35 लाख रुपये तक का घर देख सकते हैं। अब अलग-अलग लोकेशन पर आपको 30-35 लाख रुपये में अलग-अलग साइज का घर मिल सकता है। दूसरी तरफ अगर आपकी आय 8-10 लाख रुपये सालाना है तो आपके पास 10 लाख रुपये की सेविंग है तो आप 45-50 लाख रुपये तक का मकान देख सकते हैं।

मिश्रा के मुताबिक यहां ध्यान इस बात का रखना है कि अगर आप सीरियसली मकान खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो लोन को पहले से अप्रुव कराके रखें। इससे आप अच्छे से नेगोशिएट कर पाएंगे। इससे अच्छी डील मिलने की संभावना रहती है।  

कितनी आय पर खरीद सकते हैं किस रेंज तक का मकान

मासिक आय कितना मिल सकता है लोन कितनी है सेविंग किस रेंज का देख सकते हैं घर
50-55 हजार रुपये 27-32 लाख रुपये 5 लाख रुपये 32-37 लाख रुपये
65-70 हजार रुपये 37-41 लाख रुपये 7-8 लाख रुपये 45-48 लाख रुपये
90 हजार रुपये- एक लाख रुपये 52-58 लाख रुपये 10-12 लाख रुपये 65-70 लाख रुपये
1.20-1.25 लाख रुपये 76-80 लाख रुपये 12-15 लाख रुपये 88-95 लाख रुपये
1.40-1.50 लाख रुपये 89-95 लाख रुपये 15-18 लाख रुपये 1 करोड़ रुपये से 1.18 करोड़ रुपये

नोटः लोन की राशि का निर्धारण 20 साल तक की अवधि को आधार मानकर किया गया है।

1 BHK, 2 BHK या 3 BHK

बजट तय करने के बाद आपको यह देखना होगा कि आप किस साइज का घर खरीद सकते हैं। बजट के अलावा और भी कई चीजें हैं, जिसके आधार पर आप अपने मकान का साइज तय करते हैं। इसमें सबसे पहले देखना होता है कि आपके परिवार में कितने लोग हैं। अगर आप पति-पत्नी हैं तो आप कम बजट में 1 BHK भी ले सकते हैं लेकिन बच्चे भी हैं तो 2 BHK लेना अक्लमंदी होगी। इसके अलावा अगर आपके माता-पिता आपके साथ रहते हैं तो आपको 3 BHK लेने की कोशिश करनी चाहिए।

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सतर्कता से करें लोकेशन का चुनाव

मकान का लोकेशन कई चीजों पर निर्भर करता है। गौड़ सन्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज गौड़ ने कहा कि अगर आप पहली बार घर खरीदना चाह रहे हैं तो आपको इस बात को ध्यान में रखिए कि वह आपके वर्कप्लेस से कितनी दूरी पर है। मिसाल के तौर पर अगर आप गुड़गांव में नौकरी करते हैं तो नोएडा एक्सटेंशन में मकान खरीदना कत्तई अच्छा फैसला नहीं माना जाएगा। लेकिन अगर आप निवेश के लिहाज से घर खरीदना चाहते हैं तो आपको डेवलपिंग एरिया में घर खरीदना चाहिए। आपको ऐसे लोकेशन पर घर खरीदना चाहिए जहां आने वाले समय पर इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप होने की संभावना हो। गौड़ ने इस बात पर जोर दिया कि लोकेशन की पहचान करने के बाद आपको बिल्डर को चुनते समय काफी सतर्कता बरतनी चाहिए। आपको उसके ट्रैक रिकॉर्ड को जांचना-परखना चाहिए। उसके पुराने प्रोजेक्ट को विजिट करना चाहिए। 

इसके अलावा लॉ एंड ऑर्डर के बिन्दु को भी नजरंदाज करके नहीं चला जा सकता है। आपको ऐसी जगह पर मकान लेना चाहिए जहां रात हो या दिन आपके परिवार के सदस्य बिना किसी डर के घूम सकें। 

 

कनेक्टिविटी एवं इंफ्रास्ट्रक्चर

लोकेशन के बाद ये देखना चाहिए कि प्रोजेक्ट की कनेक्टिविटी कैसी है। आपके ऑफिस जाने के लिए क्या साधन मौजूद हैं। साथ ही सुपर मार्केट, सब्जी मार्केट, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बस स्टैंड कितनी दूरी पर है। इसके अलावा आपको फ्यूचरिस्टिक तरीके से भी सोचने की जरूरत होगी। मसलन इस बात पर गौर करना होगा कि प्रोजेक्ट से स्कूल, कॉलेज या हॉस्पिटल कितनी दूरी पर है। 

डिजाइन एरिया

इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखने के बाद आपको प्रोजेक्ट एवं फ्लैट के डिजाइन के बारे में सोचना चाहिए। फ्लोर एरिया के साथ कारपेट एरिया पर भी ध्यान देना चाहिए। इसके बाद आपको देखना होगा कि आपको ओपन किचन चाहिए या नहीं। फिर फ्लोरिंग, टाइल, वास्तु आदि पहलुओं पर गौर करने के बाद अपने सपनों के आशियाने को चुनना चाहिए।

Posted By: Ankit Kumar

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