अगले साल धीमी हो जाएगी वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार, अमेरिका और चीन की विकास दर में भी कमी आएगी
युद्ध बढ़ती मुद्रास्फीति और लगातार बढ़ती ब्याज दरों के कारण अगले कैलेंडर वर्ष में वैश्विक आर्थिक विकास दर धीमी होने की उम्मीद है। पेरिस स्थित आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) का अनुमान है कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि 2024 में इस वर्ष 2.9 प्रतिशत से धीमी होकर 2.7 प्रतिशत हो जाएगी। यह 2020 की महामारी के बाद सबसे धीमी वृद्धि होगी।
एपी, वाशिंगटन। युद्ध, बढ़ती हुई मुद्रास्फीति और निरंतर बढ़ती ब्याज दरों के चलते अगले कैलेंडर वर्ष में वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर में कमी आने की उम्मीद है।
कितनी आएगी कमी?
पेरिस स्थित आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) के अनुमान के मुताबिक 2024 में अंतरराष्ट्रीय विकास दर इस वर्ष के अनुमानित 2.9 प्रतिशत से कम होकर 2.7 प्रतिशत रह जाएगी। 2020 के महामारी वर्ष के बाद यह सबसे धीमी वृद्धि होगी।
ओईसीडी का यह भी अनुमान है कि अगले वर्ष दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका और चीन की विकास दर में भी कमी आएगी। अमेरिकी अर्थव्यवस्था के 2024 में केवल 1.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। जबकि वर्तमान कैलेंडर वर्ष में इसके 2.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है।
अमेरिका के मुद्रास्फीति में भी आएगी कमी
उच्च ब्याज दरों ने उपभोक्ताओं और कारोबारियों के लिए कर्ज को महंगा बना दिया है। चार दशक के उच्चस्तर पर पहुंची मुद्रास्फीति से निपटने के लिए वहां के केंद्रीय बैंक ने नीतिगत ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया था। ओईसीडी का यह भी अनुमान है कि अमेरिका में मुद्रास्फीति इस वर्ष के 3.9 प्रतिशत से गिरकर 2024 में 2.8 प्रतिशत रह जाएगी और 2025 में इसके 2.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो फेडरल रिजर्व के दो प्रतिशत के लक्ष्य से थोड़ा ऊपर है।
कैसी रहेगी चीन की अर्थव्यवस्था?
रियल एस्टेट संकट, बढ़ती बेरोजगारी और धीमे निर्यात के चलते चीन की अर्थव्यवस्था के 2024 में 4.7 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। यह वर्तमान कैलेंडर वर्ष के 5.2 प्रतिशत के अनुमान से कम है।
चीन के लोगों द्वारा बचत में वृद्धि, रोजगार सृजन की निराशाजनक संभावनाओं और बढ़ती अनिश्चितता के चलते उपभोग वृद्धि संभवत: धीमी रहेगी।
0.9 प्रतिशत रहेगी यूरोपीय यूनियन की सामूहिक विकास दर
वैश्विक मंदी में यूरो मुद्रा वाले 20 देशों का भी योगदान रहेगा। ये देश बढ़ी हुई ब्याज दरों अैर यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बढ़ी हुई ऊर्जा कीमतों से बुरी तरह प्रभावित हैं। ओईसीडी को उम्मीद है कि यूरोपीय यूनियन की सामूहिक विकास दर अगले वर्ष 0.9 प्रतिशत रहेगी। इस अनुमान को बहुत अच्छा तो नहीं कहा जा सकता है, लेकिन यह 2023 के अनुमानित 0.6 प्रतिशत की विकास दर से थोड़ी बेहतर है।
इजरायल-हमास संघर्ष बढ़ा तो बढ़ेंगे जोखिम
ओईसीडी ने अपनी 221 पेज की रिपोर्ट में कहा कि 2023 में अब तक विकास दर मजबूत रही है, लेकिन वित्तीय स्थितियों, कमजोर व्यापार वृद्धि के चलते अब इसमें कमी आ रही है। उसने कहा है कि इजरायल-हमास युद्ध के बाद बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था नए जोखिमों का सामना कर रही है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर यह संघर्ष बढ़ता है तो ऊर्जा बाजार और प्रमुख व्यापार मार्गों में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है।
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