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    Stock Exchanges ने IOC, ONGC, GAIL समेत कई सरकारी तेल कंपनियों पर लगाया जुर्माना, ये है वजह

    By AgencyEdited By: Abhinav Shalya
    Updated: Sun, 27 Aug 2023 02:56 PM (IST)

    NSE और BSE की ओर से नियमों का पालन न करने के चलते IOC ONGC GAIL और कई सरकारी कंपनियों पर जुर्माना लगाया गया है। एक्सचेंज द्वारा ये जुर्माना अपेक्षित स्वतंत्र डायरेक्ट्स एंव महिला डायरेक्ट्स की संख्या को लेकर है। ओएनजीसी पर 3.36 लाख रुपये आईओसी पर 5.36 लाख रुपये गेल पर 2.71 लाख रुपये और बीपीसीएल पर 3.6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

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    कई तेल कंपनियों पर जुर्माना एनएसई और बीएसई द्वारा लगाया गया है।

    नई दिल्ली, एजेंसी। Stock exchanges impose fine on IOC, ONGC, GAIL: स्टॉक एक्सचेंज की ओर से सरकारी ऑयल और गैस कंपनियों आईओसी (IOC), ओएनजीसी (ONGC) और गेल (GAIL) पर जुर्माना लगाया गया है। एक्सचेंज द्वारा ये जुर्माना लिस्टिंग के नियमों का पालन नहीं करने और अपेक्षित स्वतंत्र डायरेक्ट्स एंव महिला डायरेक्ट्स की संख्या को लेकर है।

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    एक अलग फाइलिंग में कंपनियों की ओर से एनएसई और बीएसई द्वारा लगाए जुर्माने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। फाइलिंग में बताया गया कि डायरेक्टर्स को नियुक्त करने का कार्य सरकार की ओर से किया जाता है और कंपनी की इसमें कोई भूमिका नहीं होती है।

    किस कंपनी पर लगा कितना जुर्माना?

    ओएनजीसी पर 3.36 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आईओसी पर 5.36 लाख रुपये, गेल पर 2.71 लाख रुपये, हिंदुस्तान पेट्रोलियम पर 3.59 लाख रुपये, बीपीसीएल पर 3.6 लाख रुपये, ऑयल इंडिया पर 5.37 लाख और एमआरपीएल पर 5.37 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

    किन कारणों के चलते नहीं हुई डायरेक्टर्स की नियुक्ति?

    आईओसी पर बोर्ड में महिला डायरेक्टर नहीं होने के चलते जर्माना लगाया गया है। वहीं,बाकी कंपनियों पर अपेक्षित स्वतंत्र डायरेक्टर्स की संख्या न होने के चलते जुर्माना लगाया गया है।

    आईओसी की ओर से कहा गया कि डायरेक्टर्स को नियुक्त करने की शक्ति भारत सरकार के पास है। कंपनी की ओर से नियमित रूप से इस मुद्दे को मंत्रालय के सामने रखा जाता है। ओएनजीसी ने कहा कि डायरेक्टर्स की संख्या को लेकर सरकार से निवेदन किया जा चुका है।

    गेल की ओर से कहा गया कि गेल को बोर्ड में डायरेक्टर्स की नियुक्ति भारत सरकार की ओर से की जाती है। इस तरह की नियुक्तियां गेल प्रबंधन के नियंत्रण से बाहर है।