सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छोटे उद्यमी अब आसानी से ले सकेंगे 25 लाख तक के कर्ज, 25 लाख तक के कर्ज को सीआरआर से जोड़ने से मिलेगा फायदा

By Ankit KumarEdited By:
Published: Tue, 09 Feb 2021 11:00 AM (IST)

एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को अब 25 लाख तक के कर्ज आसानी से मिल सकेंगे। हाल ही में आरबीआइ ...और पढ़ें

आरबीआइ की नई व्यवस्था से बैंक एमएसएमई को उस रिजर्व कैश में से कर्ज दे सकेंगे।
आरबीआइ की नई व्यवस्था से बैंक एमएसएमई को उस रिजर्व कैश में से कर्ज दे सकेंगे।

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को अब 25 लाख तक के कर्ज आसानी से मिल सकेंगे। हाल ही में आरबीआइ की नई व्यवस्था से छोटे उद्यमियों को यह लाभ मिलने जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत में छह करोड़ एमएसएमई हैं और इनमें से लाखों उद्यमी अकेले ही कारोबार चला रहे हैं। ये सभी माइक्रो या सूक्ष्म उद्यमी की श्रेणी में आते हैं। आरबीआइ की नई व्यवस्था से मुख्य रूप से इन सूक्ष्म उद्यमियों को लाभ मिलेगा। एमएसएमई अगले 31 मार्च तक पूरी तरह से सरकारी गारंटी वाले कर्ज भी ले सकते हैं जिसकी घोषणा पिछले वर्ष मई में की गई थी।  

(यह भी पढ़ेंः सरकार की राजकोषीय घाटे पर पैनी नजर, चालू वित्त वर्ष में 9.5 फीसद पर पहुंच जाने का अनुमान : वित्त मंत्री)

उद्यमियों ने बताया कि आरबीआइ के नए प्रविधान के मुताबिक बैंक अपने नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में से एमएसएमई को 25 लाख रुपये तक के कर्ज दे सकते हैं। बैंकों को एक निश्चित अनुपात में आरबीआइ के पास नकद (कैश) रखना होता है। इस पर उन्हें ब्याज भी नहीं मिलता है। 

आरबीआइ की नई व्यवस्था से बैंक एमएसएमई को उस रिजर्व कैश में से कर्ज दे सकेंगे और उस कर्ज पर ब्याज मिलने से बैंकों को कमाई भी होगी। हालांकि एक उद्यमी को 25 लाख रुपये से अधिक का कर्ज नहीं मिल सकेगा। फेडरेशन ऑफ इंडियन स्मॉल मीडियम इंटप्राइजेज (फिस्मे) के महासचिव अनिल भारद्वाज ने बताया कि इस नई व्यवस्था से बैंक आसानी से 25 लाख रुपये तक का कर्ज एमएसएमई को दे सकेंगे। हालांकि यह राशि काफी कम है।

उल्लेखनीय है कि MSME सेक्टर में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलता है। इस वजह से सरकार इस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर कदम उठाती है।

(यह भी पढ़ेंः बैंकिंग सेवा से जुड़ी शिकायतों में इजाफा, शिकायतों के निपटारे में भी अधिक समय लगने लगा: RBI)