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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सेमीकंडक्टर प्लांट की मंजूरी के बाद रुक ही नहीं रहा Tata Group की इस कंपनी का शेयर, आज भी लगा अपर सर्किट

By Suneel KumarEdited By: Suneel Kumar
Published: Mon, 04 Mar 2024 04:04 PM (IST)

भारत सरकार लगातार सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को लगातार बढ़ावा दे रही है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले हफ्ते Tata Group के दो ...और पढ़ें

एक महीने में 52.56% चढ़ा टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन का शेयर।
एक महीने में 52.56% चढ़ा टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन का शेयर।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। टेक्नोलॉजी के इस दौर में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की अहमियत काफी बढ़ गई है। इसका इस्तेमाल ऑटोमोबाइल्स से लेकर मोबाइल फोन और वॉशिंग मशीन तक में होता है। इस सेक्टर में फिलहाल ताइवान, दक्षिण कोरिया और चीन का दबदबा है। 

भारत सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को लगातार बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है। इसी सिलसिले में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले हफ्ते Tata Group के दो सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। 

इसके बाद से टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन (Tata Investment Corporation) के शेयर 21 फीसदी तक चढ़ चुके हैं। आज यानी सोमवार को कंपनी के शेयरों में 5 फीसदी का अपर सर्किट लगा और यह 401.35 अंक बढ़कर 8,428.40 रुपये पर बंद हुआ। इससे पहले भी दो कारोबारी सेशन में कंपनी के स्टॉक में अपर सर्किट लगा था।

टाटा ग्रुप की टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (Tata Electronics) ताइवान की मशहूर चिपमेकर- पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉर्प (PSMC) के साथ गुजरात में  एक सेमीकंडक्टर फैब बनाएगी। टाटा ग्रुप की ही टाटा सेमीकंडक्टर एसेंबली एंड टेस्ट प्राइवेट लिमिटेड असम के मोरीगांव में 27,000 करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर प्लांट लगाएगी। 

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के कारखानों की हर महीने 50,000 वैफर्स का प्रोडक्शन करने की होगी। एक वैफर में 5,000 चिप होते हैं। ऐसे में कंपनी की सालाना प्रोडक्शन कैपिसिटी करीब 3 अरब चिप की होगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जिन सेमीकंडक्टर को लगाने की मंजूरी दी है, उनसे अडवांस टेक्नोलॉजी में 20,000 डायरेक्ट और 60,000 इन-डायरेक्ट रोजगार पैदा होने की संभावना है। 

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एक महीने में 52.56% चढ़ा शेयर

अगर पिछले एक महीने की बात करें, तो टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन के शेयर ने 52.56 प्रतिशत की छलांग लगाई है। पिछले पांच ट्रेडिंग सेशन में 18.10 प्रतिशत का उछाल दिखा है। पिछले 6 महीने में तो कंपनी ने 242.60 प्रतिशत का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।

पिछले एक साल के आंकड़े तो और चौंकाने वाले हैं। कंपनी के शेयरों ने 300 फीसदी का रिटर्न दिया है। पिछले तीन साल में इसका शेयर 650 फीसदी बढ़ा है, जिसने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 50,000 करोड़ के करीब है। 

टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन क्या करती है?

टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) है। यह टाटा ग्रुप (Tata Group) समेत अलग-अलग कंपनियों के पोर्टफोलियो में निवेश करती है। यह टाटा संस (Tata Sons) की सब्सिडियरी है। 

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के कारखाने की क्षमता हर महीने 50,000 वैफर्स के उत्पादन की होगी। एक वैफर में 5,000 चिप होते हैं और इस प्रकार कुल सालाना उत्पादन क्षमता करीब 3 अरब चिप की होगी।

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