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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिवाली से पहले RBI का बड़ा फैसला, इस बैंक का लाइसेंस किया रद्द; अब आपके जमा पैसों का क्या होगा?

Published: Wed, 08 Oct 2025 11:54 AM (IST)

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जीजामाता महिला सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है क्योंकि बैंक के पास पर्याप्त ...और पढ़ें

दिवाली से पहले RBI का बड़ा फैसला, इस बैंक का लाइसेंस किया रद्द; अब आपके जमा पैसों का क्या होगा?
दिवाली से पहले RBI का बड़ा फैसला, इस बैंक का लाइसेंस किया रद्द; अब आपके जमा पैसों का क्या होगा?

नई दिल्ली। दिवाली से पहले भारतीय रिजर्व बैंक ने एक बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, RBI  ने मंगलवार को कहा कि उसने जीजामाता महिला सहकारी बैंक (Jijamata Mahila Sahakari Bank) का लाइसेंस रद्द कर दिया है, क्योंकि लेंडर (बैंक) के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं हैं। इससे पहले इस बैंक का लाइसेंस भी रद्द किया गया था। इस बैंक में जिन भी लोगों का खाता है वह इस समय परेशानी हैं। हालांकि, अगर आपके खाते में एक निश्चित राशि होगी, तो आप अपनी राशि पर बीमा का दावा कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि इस बैंक में जमा आपके पैसों का आखिर क्या होगा।

बैंक का बैंकिंग लाइसेंस पहले 30 जून, 2016 के एक आदेश द्वारा रद्द कर दिया गया था और बैंक द्वारा की गई अपील पर 23 अक्टूबर, 2019 को बहाल कर दिया गया था।

बैंक का लाइसेंस रद्द करते हुए RBI ने एक बयान में कहा, कि अपीलीय प्राधिकरण ने अपील स्वीकार करते हुए निर्देश दिया है कि वित्तीय स्थिति का आकलन करने के लिए वित्त वर्ष 2013-14 के लिए बैंक का फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए।

7 अक्टूबर से बंद हुआ बैंक

RBI ने एक फोरेंसिक ऑडिटर नियुक्त किया था, लेकिन बैंक के असहयोग के कारण ऑडिट पूरा नहीं हो सका। आरबीआई के आकलन के अनुसार, बैंक की वित्तीय स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी, इसलिए इसका लाइसेंस रद्द करना पड़ा।  बैंक 7 अक्टूबर, 2025 को कारोबार की समाप्ति से बैंकिंग व्यवसाय बंद कर दिया है।।  महाराष्ट्र के सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार से बैंक को बंद करने और बैंक के लिए एक परिसमापक नियुक्त करने का भी अनुरोध किया गया है।

आपके पैसों का क्या होगा?

आरबीआई ने कहा, "लाइसेंस रद्द होने के परिणामस्वरूप, जीजामाता महिला सहकारी बैंक, सतारा, महाराष्ट्र को तत्काल प्रभाव से 'बैंकिंग' व्यवसाय करने से प्रतिबंधित किया जाता है, जिसमें अन्य कार्यों के अलावा, जमा स्वीकार करना और जमा राशि का पुनर्भुगतान शामिल है।"

परिसमापन होने पर, प्रत्येक जमाकर्ता जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (DICGC) से अपनी जमा राशि पर 5 लाख रुपये तक की जमा बीमा दावा राशि प्राप्त करने का हकदार होगा। यानी इस बैंक में जमा आपकी 5 लाख रुपये तक की राशि सेफ है। आप 5 लाख रुपये तक की राशि का क्लेम कर सकते हैं।

RBI ने कहा कि 30 सितंबर, 2024 तक कुल जमा का 94.41 प्रतिशत DICGC बीमा के अंतर्गत कवर किया गया था।

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