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    बेंगलुरु का भारी ट्रैफिक और 75 रिजेक्शन के बाद खड़ा हुआ था रैपिडो, OLA-Uber से ऐसे छीनी नंबर 1 की बादशाहत

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 01:04 PM (IST)

    रैपिडो की यात्रा 2015 में बेंगलुरु के ट्रैफिक से प्रेरित होकर शुरू हुई थी। अरविंद सांका, पवन गुंटुपल्ली और एसआर ऋषिकेश ने इसे स्थापित किया। 75 फंडिंग ...और पढ़ें

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    बेंगलुरु का भारी ट्रैफिक और 75 रिजेक्शन के बाद खड़ा हुआ था रैपिडो, OLA-Uber से ऐसे छीनी नंबर 1 की बादशाहत

    नई दिल्ली। जीवन में कुछ भी हासिल करने के लिए आपको मेहनत करते रहना होता है। कई बार होता है कि हम सफलता के बहुत करीब पहुंच चुके होते हैं लेकिन इतनी बार असफल हो चुके होते हैं कि हार मान लेते हैं। लेकिन हम यह नहीं पता होता कि हम सफलता से मात्र एक कदम दूर हैं। और यहीं पर वो लोग बाजी मार ले जाते हैं, जो रुकते नहीं। सफलता से डरते नहीं। और ऐसी ही बाजी मारी है टू व्हीलर कैब प्रोवाइडर रैपिडो के मालिक ने।

    उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार कोशिश करते हुए अपनी मेहनत के दम पर इतिहास रच दिया। इतिहास ऐसा रचा कि आज उनकी कंपनी ने Ola Uber जैसे मेजर प्लेयर्स को भी धूल चटा दी।

    बेंगलुरु के ट्रैफिक ने दिया आइडिया

    रैपिडो की स्थापना 2015 में अरविंद सांका, पवन गुंटुपल्ली और एसआर ऋषिकेश ने की थी। रैपिडो का विचार भारत के सबसे भीड़भाड़ वाले शहरों में से एक, बेंगलुरु में आने-जाने की कठिनाइयों के साथ संस्थापकों के व्यक्तिगत अनुभवों से आया था।

    उन्होंने देखा कि दोपहिया वाहन (मोटरसाइकिल और स्कूटर) चार पहिया वाहनों की तुलना में शहर के यातायात के माध्यम से अधिक कुशलता से नेविगेट कर सकते हैं, और कई लोग कम दूरी के लिए अपने स्वयं के दोपहिया वाहनों का उपयोग करना पसंद करते हैं।

    बेंगलुरु के ट्रैफिक से निपटने के लिए पवन गुंटुपल्ली ने अपने दो दोस्तों अरविंद सांका, और एसआर ऋषिकेश के साथ मिलकर Rapido की शुरुआत की। शुरुआत तो गई लेकिन अब सबसे बड़ा चैलेंज था फंडिंग जुटाना।

    75 रिजेक्शन के बाद 76वें में मिली सफलता

    पवन गुंटुपल्ली ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर Rapido की शुरुआत तो कर दी थी लेकिन उन्हें कोई फंडिंग नहीं दे रहा था। जैसे ही उन्होंने टू व्हीलर कैब सर्विस शुरू की तो ओला और उबर ने भी अपने प्लेटफॉर्म पर फोर व्हीलर के साथ टू व्हीलर कैब सर्विस शुरू कर दी। ऐसे में कोई भी इन्वेस्टर रैपिडो में इन्वेस्ट नहीं करना चाह रहा था।

    लेकिन कहते हैं जहां चाह है वहां रहा है। और 75 रिजेक्शन झेलने के बावजूद तीनों दोस्त नहीं रुके और उन्हें 76वें इन्वेस्टर्स से आखिर फंडिंग मिल ही गई। इस दृढ़ संकल्प ने उनके पहले निवेशक, हीरो मोटोकॉर्प के सीईओ पवन मुंजाल का ध्यान आकर्षित किया, जो रैपिडो की क्षमता में विश्वास करते थे। उनके शुरुआती समर्थन ने स्टार्टअप को कर्षण हासिल करने में मदद की। और इस तरह पवन मुंजाल कंपनी के पहले इन्वेस्टर बने।

    नवंबर 2015 में, रैपिडो ने बैंगलोर में सेवा शुरू की, जिसकी शुरुआत कुछ दर्जन कप्तानों के साथ हुई। इसने तेजी से लोकप्रियता हासिल की, और पहले वर्ष के अंत तक, रैपिडो के पास 1000 से अधिक पंजीकृत कप्तान थे और यह भारत के कई शहरों में उपलब्ध था।

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    2017 में, रैपिडो ने वेंचर कैपिटल फर्म सिकोइया कैपिटल सहित निवेशकों से धन जुटाया और भारत के अधिक शहरों में अपने परिचालन का विस्तार करना शुरू कर दिया। 2021 तक, रैपिडो के पास 150,000 से अधिक पंजीकृत कप्तान हैं और यह भारत के 100 से अधिक शहरों में उपलब्ध है।

    आज, रैपिडो पूरे भारत में 100 से अधिक शहरों में काम करता है, जो लाखों लोगों के लिए एक सुविधाजनक और किफायती आवागमन समाधान प्रदान करता है। 25 मिलियन से अधिक ऐप डाउनलोड के साथ, इसने देश भर में बाइक ड्राइवरों (या "कप्तानों") के लिए 60 लाख नौकरियां पैदा की हैं, जिससे लोगों को लचीले रोजगार विकल्पों के साथ सशक्त बनाया गया है। रैपिडो की विचार से यूनिकॉर्न तक की यात्रा इस बात का प्रमाण है कि कैसे नवीन सोच और अथक दृढ़ संकल्प सबसे चुनौतीपूर्ण उद्योगों में भी सफलता दिला सकते हैं।

    यूनिकॉर्न बना रैपिडो

    2024 में, रैपिडो ने वेस्टब्रिज कैपिटल से फंडिंग में $200 मिलियन हासिल करने के बाद यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल किया। इस बड़े निवेश ने कंपनी को $1.1 बिलियन के मूल्यांकन तक पहुंचा दिया, जो एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस नई फंडिंग के साथ, रैपिडो अपनी मुख्य बाइक-टैक्सी सेवा से आगे बढ़कर चार-पहिया टैक्सी बाजार में विस्तार कर रहा है और ओला और उबर को अधिक सीधे चुनौती देने के लिए मंच तैयार कर रहा है।

    बाइक सर्विस में ओला-उबर से आगे है रैपिडो

    भारत के राइड-हेलिंग मार्केट (2025 के अंत में/2026 की शुरुआत में), उबर अभी आगे है। उसके पास लगभग  45-50% मार्केट शेयर, ओला के पास 25-30% और रैपिडो के पास 20 से 30 प्रतिशत है। लेकिन सिर्फ बाइक सर्विस की बात करें तो रैपिडो नंबर 1 पर है उसके पास 50 फीसदी से अधिक का मार्केट शेयर है।