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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिगड़ा खाने का स्वाद, 15 साल के रिकॉर्ड भाव पर प्याज

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Published: Sat, 19 Oct 2013 09:10 AM (IST)Updated: Mon, 30 Mar 2015 06:40 PM (IST)

पिछले कई माह से अखबारों व टीवी चैनलों की सुर्खियों में रहा प्याज बृहस्पतिवार को 15 साल के रिकॉर्ड भाव ...और पढ़ें

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ऋ षिपाल टोंकवाल, नई दिल्ली। पिछले कई माह से अखबारों व टीवी चैनलों की सुर्खियों में रहा प्याज बृहस्पतिवार को 15 साल के रिकॉर्ड भाव पर पहुंच गया। थोक भाव में प्याज 60 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिका। इसके पहले 1998 में प्याज का थोक भाव 90 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया था।

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आजादपुर मंडी के प्याज कारोबारियों का कहना है कि 60 से 65 रुपये प्रति किलो की दर से थोक भाव में भारी मात्र में प्याज बिका। उनका कहना है कि प्याज के थोक भाव में और तेजी आने की संभावना है। प्याज की इस तेजी ने आम जनता की कमर तोड़कर रख दी है।

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खुदरा बाजार में 90 रुपये पहुंचा भाव : खुदरा बाजार में प्याज की कीमत 90 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। प्याज के बढ़ते भाव ने आम जनता के स्वाद को बिगाड़ दिया है। हालांकि, इसके भाव आसमान पर देखकर निम्न व मध्यम वर्ग के लोगों ने इससे दूरी बना ली है। अब प्याज केवल अमीरों की रसोई की शोभा बढ़ा रहा है।

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आचार संहिता ने बिगाड़ा खेल : केशोपुर फल व सब्जी मंडी के कारोबारियों का मानना है कि प्याज की कीमत में ढाई महीने पहले ही अधिक तेजी आने वाली थी। सरकार के निवेदन पर व्यापारियों ने कालोनियों में प्याज बेचा, जिसके चलते अब तक प्याज की कीमत नियंत्रण में थी। अब आचार संहिता ने सरकार के हाथ बांध दिए हैं। सरकार कॉलोनियों में अपनी तरफ से प्याज नहीं विकवा सकती। जिसके कारण प्याज के भाव आसमान छू रहे हैं। प्याज की बढ़ी कीमत को काबू करना अब मुश्किल है। दीपावली तक प्याज के भाव इसी तरह रहेंगे। प्याज की नई फसल आने के बाद ही कुछ राहत मिलेगी- ओमप्रकाश असनानी, सदस्य, कृषि उपज विपणन समिति, केशोपुर मंडी

बाजार में पुराना प्याज खत्म हो गया है। वहीं नई फसल बाजार में कम आ रही है। दीपावली के बाद ही प्याज के ाव काबू में आएंगे- महेंद्र सनपाल, सदस्य, कृषि उपज विपणन समिति, आजादपुर मंडी