जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। नेपाल को पेट्रोल, डीजल और एटीएफ की सप्लाई के लिए बिहार से नेपाल तक पाइपलाइन बिछाने को लेकर दोनों देशों के बीच औपचारिक समझौता इस सप्ताह हो जाएगा। तेल व प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नेपाल की राजधानी काठमांडू में इस समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।
बिहार के रक्सौल से नेपाल के अमलेखगंज बिछाई जाने वाली 41 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन पर इंडियन आयल कारपोरेशन 200 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस पाइपलाइन का करीब 39 किलोमीटर लंबा हिस्सा नेपाल में होगा। परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में रक्सौल से अमलेखगंज तक की पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
नेपाल तेल व गैस उत्पादों के लिए पूरी तरह भारत पर निर्भर है। वर्तमान में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और एटीएफ की सप्लाई इंडियन आयल के रक्सौल डिपो से ट्रकों द्वारा नेपाल को की जाती है। 2006 में इस पाइपलाइन का प्रस्ताव रखा गया था। उस वक्त पाइपलाइन परियोजना पर आने वाली लागत को आधा आधा वहन करने की बात थी। लेकिन बाद में नेपाल आयल कारपोरेशन ने इस लागत का बोझ वहन करने से इनकार कर दिया।
प्रधान रविवार से मंगलवार तक नेपाल के दौरे पर रहेंगे और दोनों सरकारों के बीच होने वाले इस पाइपलाइन एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगे। नेपाल को पेट्रोलियम उत्पाद सप्लाई करने के बीच 15 साल का करार होना है। शुरुआत में पांच साल की अवधि के लिए समझौता किया जा रहा है जिसे भविष्य में दो बार इतनी ही अवधि के लिए बढ़ाया जा सकेगा।

गैस पाइप लाइन पर निगम की रोक

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