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    FCI के पहले टेंडर में बिका नौ लाख टन गेहूं, 1100 से अधिक निजी प्रतिष्ठानों ने किया था आवेदन

    By Jagran NewsEdited By: Ashisha Singh Rajput
    Updated: Thu, 02 Feb 2023 07:49 PM (IST)

    गेहूं और उसके उत्पादों की महंगाई पर काबू पाने के लिए सरकार ने कई स्तर पर काम शुरु कर दिया है। इसके लिए सरकारी एजेंसियों को भी नियंत्रित व रियायती दरों पर आटा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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    महंगाई रोकने को एफसीआई का हस्तक्षेप जारी रहेगा-गेहूं का आधार मूल्य 2600 से 2700 रुपए प्रति क्‍व‍िंटल

    नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। जिंस बाजार में गेहूं की कीमतों को थामने के लिए सरकार ने 30 लाख टन गेहूं खुले बाजार में बेचने का फैसला किया है। इसके लिए खोले गए पहले दिन के ही टेंडर में लगभग नौ लाख टन गेहूं बिक गया। इसके लिए तकरीबन 1100 से अधिक निजी प्रतिष्ठानों ने आवेदन किया था।

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    केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के जारी बयान के अनुसार

    गेहूं और उसके उत्पादों की महंगाई पर काबू पाने के लिए सरकार ने कई स्तर पर काम शुरु कर दिया है। इसके लिए सरकारी एजेंसियों को भी नियंत्रित व रियायती दरों पर आटा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए उन्हें अलग से गेहूं का आवंटन किया जा रहा है। केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के जारी बयान के मुताबिक एक फरवरी 2023 को टेंडर खुला, जिसमें 8.80 लाख टन गेहूं निजी कंपनियों ने उठा लिया है।

    गेहूं का आधार मूल्य 2600 से 2700 रुपए प्रति क्‍व‍िंटल

    कुल 22 राज्यों में हुई खरीद में गेहूं का आधार मूल्य 2600 से 2700 रुपए प्रति क्‍व‍िंटल बोला गया है। आधार मूल्य में उत्पादक राज्यों से दूरी, अनाज की क्वालिटी और ढुलाई खर्च की वजह से भिन्नता रहती है। जिंस बाजार के जानकारों का कहना है कि गेहूं की मांग और आपूर्ति को लेकर बिगड़े संतुलन से व्यापारिक प्रतिष्ठान घबराहट में खरीद (पैनिक खरीद) हो रही है। जबकि सरकार के पास गेहूं का पर्याप्त स्टॉक है। अगले दो महीने तक एफसीआई हर सप्ताह बुधवार को टेंडर प्रक्रिया से गेहूं बेचेगी।

    इन एजेंसियों को तकरीबन डेढ़ लाख टन गेहूं किया गया जारी

    दरअसल, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के ने सरकारी एजेंसियों में केंद्रीय भंडार, नैफेड और एनसीसीएफ को गेहूं का आवंटन 23.50 रुपए प्रति क्‍व‍िंटल की दर से गेहूं देने का फैसला किया है। इससे तैयार आटे का मूल्य भी अधिकतम 29.50 रुपए प्रति किलो निर्धारित किया गया है। इसके लिए सात राज्यों के लिए इन एजेंसियों को तकरीबन डेढ़ लाख टन गेहूं जारी कर दिया गया है।

    सरकारी एजेंसी की कोशिश

    बाजार में गेहूं व आटे का मूल्य जिस तेजी से बढ़ा है, उस पर काबू पाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी। उसके लिए चालू रबी मार्केटिंग सीजन में गेहूं खरीद का संकट पैदा हो सकता है। सरकारी एजेंसी की कोशिश एमएसपी पर किसानों से गेहूं की पर्याप्त खरीद करने की होगी। मार्च के दूसरे सप्ताह से गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों से नई फसल का गेहूं बाजार में आ जाता है। उसके पहले बाजार को नीचे लाने की कोशिश जारी है।

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