जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। घरेलू फील्डों से निकाली जाने वाली प्राकृतिक गैस का नया मूल्य एक अक्टूबर, 2022 से लागू होना है, लेकिन सरकार अभी तक इस बारे में कोई अंतिम फैसला नहीं ले पाई है। इसकी वजह यह है कि मूल्य तय करने के लिए गठित पारीख समिति की रिपोर्ट तैयार नहीं है। समिति ने रिपोर्ट जमा करने के लिए कुछ और वक्त की मांग की है। ऐसे में घरेलू गैस की मौजूदा कीमत के कुछ हफ्ते और जारी रहने की संभावना है। लेकिन इसके बावजूद इस बात की मजबूत संभावना है कि नया मूल्य मौजूदा 6.1 डालर प्रति दस लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू- गैस मापने का अंतरराष्ट्रीय मानक) से कम से कम 40 से 50 प्रतिशत ज्यादा होगा। ऐसे में सरकार हालातों को देखते हुए फैसला करने में सतर्कता बरत रही है।

अंतरराष्ट्रीय हालातों को देखते हुए मूल्य तय करने में सतर्कता बरत रही सरकार

पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि घरेलू प्राकृतिक गैस मूल्य पर अंतिम फैसला पारीख समिति की रिपोर्ट देखने के बाद ही होगा, लेकिन इस बारे में मंत्रालय के अधिकारियों का वित्त मंत्रालय के साथ विमर्श हुआ है। यह बात भी उठी है कि अगर मौजूदा फार्मूले के आधार पर गैस के मूल्य में बहुत ज्यादा वृद्धि होती है तो उसका देश में महंगाई की स्थिति पर क्या असर होगा।

6.1 डालर प्रति दस लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट है प्राकृतिक गैस का मौजूगा मूल्य

एक अप्रैल, 2022 से घरेलू गैस का मूल्य 6.1 डालर प्रति एमएमबीटीयू है। घरेलू प्राकृतिक गैस का मूल्य तय करने में अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस के मूल्य को भी ध्यान में रखा जाता है। यूक्रेन-रूस संकट की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस का मूल्य पिछले चार-पांच महीनों में काफी ज्यादा बढ़ चुका हैं। पिछले दो-तीन दिनों के दौरान ही इनमें कुछ गिरावट का रुख है। सूत्र बताते हैं कि मौजूदा फार्मूले के आधार पर गैस का मूल्य डालर प्रति एमएमबीटीयू हो सकता है। अगर मार्च, 2022 से तुलना करें (2.9 डालर प्रति एमएमबीटीयू) तो यह मूल्य तीन गुना ज्यादा होगा।

सीएनजी-पीएनजी पर भी पड़ेगा असर

घरेलू प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल पीएनजी और सीएनजी बनाने में होता है। इसके अलावा देश के कुछ गैस आधारित बिजली संयंत्रों और उर्वरक प्लांट को भी इनकी आपूर्ति की जाती है। ऐसे में प्राकृतिक गैस के मूल्य वृद्धि का सीएनजी-पीएनजी के मूल्य पर भी असर पड़ेगा। इससे घरेलू प्राकृतिक गैस का मूल्य बढ़ने का असर उत्पादों की ढुलाई व कृषि पर भी होगा। यही वजह है कि सरकार इस बारे में ज्यादा सतर्कता बरत रही है। इस समय सरकार का पूरा जोर महंगाई को थामने पर है। ऐसे में घरेलू गैस का मूल्य बढ़ने से इस कोशिश को झटका सकता है।

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Edited By: Arun Kumar Singh

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